बिहार सरकार का बड़ा फैसला: महिला रोजगार योजना में अब ₹20,000 की दूसरी किस्त मिलेगी

गयाजी. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत रोजगार शुरू करने वाली पात्र महिलाओं को जल्द ही द्वितीय किस्त का भुगतान किया जाएगा। बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति ने सभी जिला परियोजना इकाइयों को इस दिशा में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। जिला परियोजना प्रबंधक आचार्य मम्मट ने वर्चुअल बैठक के माध्यम से जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को पात्र लाभुकों का चयन कर विवरण शीघ्र भेजने का निर्देश दिया है। योजना का उद्देश्य प्रत्येक परिवार की एक महिला को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत प्रथम किस्त के रूप में 10,000 रुपया पहले

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Published On :

अप्रैल 18, 2026

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गयाजी.

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत रोजगार शुरू करने वाली पात्र महिलाओं को जल्द ही द्वितीय किस्त का भुगतान किया जाएगा। बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति ने सभी जिला परियोजना इकाइयों को इस दिशा में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

जिला परियोजना प्रबंधक आचार्य मम्मट ने वर्चुअल बैठक के माध्यम से जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को पात्र लाभुकों का चयन कर विवरण शीघ्र भेजने का निर्देश दिया है। योजना का उद्देश्य प्रत्येक परिवार की एक महिला को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत प्रथम किस्त के रूप में 10,000 रुपया पहले ही दिए जा चुके हैं। अब निर्धारित शर्तें पूरी करने वाली महिलाओं को द्वितीय किस्त के रूप में 20,000 रुपया प्रदान किए जाएंगे।
इसके लिए लाभुकों को राशि का सही उपयोग, एमआईएस में प्रविष्टि, वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण, समूह बैठकों में भागीदारी, नियमित बचत और व्यवसायिक योजना तैयार करना अनिवार्य है।

द्वितीय किस्त का भुगतान तीन चरणों में किया जाएगा। ग्राम संगठन द्वारा सत्यापन के बाद प्रखंड स्तर पर मूल्यांकन होगा और अंततः डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभुकों के खाते में राशि भेजी जाएगी। जिले में अब तक 6 लाख 89 हजार से अधिक महिलाओं को 10,000 रुपया की प्रारंभिक राशि दी जा चुकी है। जांच के बाद पात्र लाभुकों को चरणबद्ध तरीके से पांच चरणों में 2 लाख 10 तक की सहायता प्रदान की जाएगी, जिसमें लाभुकों का अंशदान भी शामिल होगा। डीपीएम मम्मट ने बताया कि योजना के तहत महिलाएं फल-सब्जी, किराना, सिलाई, नाश्ता दुकान, पशुपालन व कृषि जैसे विभिन्न रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

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