बिहार को बड़ी सौगात: मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा NH फोरलेन होगा, 3591 करोड़ मंजूर

सीतामढ़ी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक टू-लेन सड़क को फोरलेन में बदलने की महत्वपूर्ण परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार ने इस वृहद बुनियादी ढांचा परियोजना के लिए कुल 3,591 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि भी स्वीकृत कर दी है। स्थानीय सांसद देवेश चंद्र ठाकुर की लगातार पहल और प्रयासों के चलते सीमावर्ती उत्तर बिहार को यह बड़ी सौगात मिली है। सांसद की पहल रंग लाई सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग

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Published On :

अगस्त 20, 2026

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सीतामढ़ी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक टू-लेन सड़क को फोरलेन में बदलने की महत्वपूर्ण परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है।

केंद्र सरकार ने इस वृहद बुनियादी ढांचा परियोजना के लिए कुल 3,591 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि भी स्वीकृत कर दी है। स्थानीय सांसद देवेश चंद्र ठाकुर की लगातार पहल और प्रयासों के चलते सीमावर्ती उत्तर बिहार को यह बड़ी सौगात मिली है।

सांसद की पहल रंग लाई
सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर सड़क को फोरलेन करने का आग्रह किया था। केंद्रीय मंत्री ने त्वरित संज्ञान लेते हुए महज कुछ ही महीनों में इसका प्रस्ताव तैयार करवाकर केंद्रीय मंत्रिमंडल को भेजा था। कैबिनेट की अंतिम मुहर लगने के बाद नेपाल सीमा से सटे सीतामढ़ी और पूरे उत्तर बिहार के लोगों में भारी उत्साह का माहौल है।

हाइब्रिड मोड पर निर्माण
इस परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत कुल 3590.73 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा। कुल 82.578 किलोमीटर लंबी इस फोरलेन सड़क को 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के अनुसार तैयार किया जाएगा। तेज और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सड़क के मध्य विभाजक (Medians) में कोई समतल खुला कट नहीं छोड़ा जाएगा।

पुल और बड़े फ्लाईओवर
यातायात की निर्बाध आवाजाही के लिए सड़क पर सात प्रमुख पुलों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें बारहमासी बागमती नदी पर बनने वाला 340 मीटर लंबा पुल भी शामिल है। इसके अलावा तीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) तथा 1170 मीटर और 270 मीटर लंबे दो बड़े फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इन निर्माणों से वाहनों के यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और ईंधन दक्षता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

नेपाल सीमा से कनेक्टिविटी
यह राजमार्ग एक प्रमुख फीडर कॉरिडोर के रूप में सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल सीमा को एनएच-27 यानी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर मुजफ्फरपुर से सीधे जोड़ेगा। इससे मुजफ्फरपुर, मकसूदपुर, रुन्नीसैदपुर, थुम्मा, डुमरा, भूतही और सोनबरसा के घनी आबादी वाले बाजारों को भीषण जाम से स्थायी राहत मिलेगी। फोरलेन बनने से मालवाहक वाहनों और कृषि आपूर्ति शृंखलाओं की आवाजाही पहले से कहीं अधिक तेज और सुगम हो जाएगी।

धार्मिक और औद्योगिक विकास
उन्नत कॉरिडोर बनने से पीएम गति-शक्ति के तहत आने वाले चार इंडस्ट्रियल एस्टेट और एक मेगा फूड पार्क को सीधा सड़क संपर्क मिलेगा। इसके साथ ही बाबा गरीबनाथ मंदिर और माता जानकी की पावन जन्मस्थली पुनौरा धाम मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी। मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशनों के लॉजिस्टिक्स केंद्रों से जुड़ाव होने के कारण पूरे क्षेत्र में व्यापार, रोजगार और पर्यटन को व्यापक बढ़ावा मिलेगा।

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