सचिवालय धमकी मामले में बड़ी कार्रवाई: पश्चिम बंगाल का आरोपी दबोचा, मोबाइल-लैपटॉप खंगाल रही पुलिस

चंडीगढ़  जाब सिविल सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने पश्चिम बंगाल निवासी एक युवक को वीरवार रात गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, मामले में थाना सेक्टर-3 में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान धमकी भरा ईमेल भेजने के आरोप में सौरव बिस्वास की गिरफ्तारी की गई। उसके खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पश्चिम बंगाल में रहता आरोपी

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Published On :

जून 5, 2026

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चंडीगढ़ 
जाब सिविल सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने पश्चिम बंगाल निवासी एक युवक को वीरवार रात गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, मामले में थाना सेक्टर-3 में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान धमकी भरा ईमेल भेजने के आरोप में सौरव बिस्वास की गिरफ्तारी की गई। उसके खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

पश्चिम बंगाल में रहता आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के पल्ली बाजार, गोबिंद पल्ली निवासी सौरव बिस्वास ने पंजाब सिविल सचिवालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर बम धमाके की धमकी वाला ईमेल भेजा था। ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अलर्ट हो गईं तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की गई।

तकनीकी जांच, ईमेल ट्रैकिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने धमकी भरा ईमेल किस मकसद से भेजा था। इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।

पूछताछ में होगा खुलासा
गिरफ्तारी के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपी सौरव बिस्वास को स्थानीय अदालत में पेश किया। मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस ने आरोपी का रिमांड मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से यह जानने का प्रयास करेगी कि उसने पंजाब सिविल सचिवालय को धमकी भरा ईमेल क्यों भेजा था।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ईमेल भेजने के पीछे आरोपी का मकसद क्या था और क्या उसने यह काम अकेले किया या किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि धमकी वाला ईमेल किस डिवाइस और इंटरनेट कनेक्शन से भेजा गया था तथा कहीं इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क या अन्य सहयोगी तो नहीं हैं।

रिमांड के दौरान आरोपी से उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप तथा अन्य डिजिटल उपकरणों की भी जांच की जा रही है।

कई संस्थाओं को मिल चुकी धमकियां
चंडीगढ़ में सरकारी और निजी स्कूलों, पासपोर्ट कार्यालय, पंजाब सचिवालय, चंडीगढ़ जिला अदालत, सेक्टर-17 बस स्टैंड, चंडीगढ़ नगर निगम तथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि, हर बार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई गहन जांच के दौरान किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। जांच में अब तक अधिकांश धमकियां अफवाह या फर्जी साबित हुई हैं।

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