रिश्वतखोरी पर बड़ी कार्रवाई: रामगढ़ में CBI ने डाक ओवरसियर को रंगेहाथ पकड़ा

रामगढ़ झारखंड के रामगढ़ जिले में सीबीआई ने बड़ी कारर्वाई करते हुए डाक विभाग के ओवरसियर  प्रभु मुंडा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक ग्रामीण डाक सेवक से रामगढ़ मुख्यालय में योगदान (ज्वाइनिंग) कराने के एवज में 30 हजार रुपये घूस मांगने का आरोप है। 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था डाक ओवरसियर प्रभु मुंडा सीबीआई सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक ग्रामीण डाक सेवक ने एजेंसी से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि डाक ओवरसियर प्रभु मुंडा उससे रामगढ़ मुख्यालय में योगदान कराने

Wrriten By :

Editor

Published On :

जनवरी 9, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

रामगढ़

झारखंड के रामगढ़ जिले में सीबीआई ने बड़ी कारर्वाई करते हुए डाक विभाग के ओवरसियर  प्रभु मुंडा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक ग्रामीण डाक सेवक से रामगढ़ मुख्यालय में योगदान (ज्वाइनिंग) कराने के एवज में 30 हजार रुपये घूस मांगने का आरोप है।

30 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था डाक ओवरसियर प्रभु मुंडा

सीबीआई सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक ग्रामीण डाक सेवक ने एजेंसी से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि डाक ओवरसियर प्रभु मुंडा उससे रामगढ़ मुख्यालय में योगदान कराने के लिए लगातार 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने प्रारंभिक जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए।

15 हजार रुपए घूस लेते रंगे हाथ दबोचा

जांच के दौरान बातचीत में यह बात सामने आई कि प्रभु मुंडा ने 30 हजार रुपये में से 15 हजार रुपये पहले और शेष 15 हजार रुपये बाद में लेने पर सहमति जताई थी। इसके बाद सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जाल बिछाने की योजना बनाई। आठ जनवरी को सीबीआई की टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने प्रभु मुंडा को तयशुदा स्थान पर 15 हजार रुपये घूस के रूप में दिए, सीबीआई की टीम ने तत्काल कारर्वाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई अधिकारियों का दल प्रभु मुंडा को रांची ले आया, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में कोई और अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल था या नहीं, और क्या इससे पहले भी प्रभु मुंडा इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

Leave a Comment

2