Mahua Moitra News : ‘40 करोड़ में बिके सांसद’ बयान पर घिरीं महुआ मोइत्रा, 20 बागी सांसदों की मानहानि केस की तैयारी

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा का एक बयान अब बड़े कानूनी विवाद में बदलता नजर आ रहा है। 20 बागी सांसदों को कथित तौर पर ‘40 करोड़ रुपये में बिकने’ का आरोप लगाने के बाद उनके खिलाफ मानहानि कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। आखिर विवाद की जड़ क्या है और आगे क्या हो सकता है?

Mahua Moitra

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 22, 2026

Mahua Moitra News : तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों ने पार्टी की फायरब्रांड नेता और सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है। मामला महुआ मोइत्रा द्वारा सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी छोड़कर अलग गुट बनाने वाले सांसद ’40-40 करोड़ रुपये’ में बिके हैं। महुआ के इस ‘बिकाऊ’ वाले बयान से आहत बागी सांसदों ने एकजुट होकर उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करने का कड़ा फैसला लिया है। सांसदों का कहना है कि महुआ का दावा न केवल पूरी तरह से निराधार और झूठा है, बल्कि इससे उनकी राजनीतिक छवि को भी गहरी चोट पहुंची है।

महुआ मोइत्रा का ‘शहद और पैसा’ वाला विवादित पोस्ट

यह पूरा विवाद शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत के एक दावे के बाद शुरू हुआ, जिसमें राउत ने कहा था कि महाराष्ट्र के सांसदों को पाला बदलने के लिए 15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए 17 जून को महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक अंदाज में पोस्ट किया, “सिर्फ 15 करोड़ रुपये? इतने सस्ते में क्यों जा रहे हैं? यकीन मानिए, हमें तो 4 करोड़ रुपये एडवांस में मिले और अगले 36 महीनों तक हर महीने 1 करोड़ रुपये मिलेंगे, यानी कुल 40 करोड़ रुपये। शहद के साथ पैसा भी।” महुआ की इस टिप्पणी को बागी सांसदों ने अपनी सत्यनिष्ठा पर हमला मानते हुए इसे मानहानिकारक करार दिया है।

लोकसभा में TMC को बड़ा झटका, 20 सांसद हुए अलग

यह राजनीतिक संकट तृणमूल कांग्रेस के लिए साल 1998 में स्थापना के बाद से अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 ने बगावत करते हुए अपना अलग गुट बना लिया है। इन बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को आधिकारिक पत्र सौंपकर एनडीए (NDA) गठबंधन को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। दलबदल कानून की जटिलताओं से बचने के लिए, इन सांसदों ने खुद को त्रिपुरा स्थित ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) में विलय कर लिया है। इस टूट के बाद अब लोकसभा में टीएमसी की संख्या घटकर केवल 8 रह गई है।

ममता के समर्थन में डटीं महुआ, बागी नेताओं पर किया तीखा प्रहार

इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान महुआ मोइत्रा पूरी दृढ़ता के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ खड़ी नजर आ रही हैं। उन्होंने बागी गुट के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें ‘बेकार नेता’ करार दिया है। महुआ का आरोप है कि ये सभी नेता केवल ममता बनर्जी की लोकप्रियता के सहारे राजनीति में टिके हुए थे और अब अवसरवादी बनकर पार्टी छोड़ रहे हैं। बहरामपुर के सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान को भी महुआ ने नहीं बख्शा। उन्होंने पठान पर बागी खेमे का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अपने क्रिकेट करियर की तरह मैदान पर हिम्मत दिखानी चाहिए थी, न कि अमित शाह के समन पर झुकना चाहिए था।

Read More  : बार-बार जमानत याचिका पर हाईकोर्ट की फटकार, प्रक्रिया का दुरुपयोग मानकर ठोका जुर्माना