Iran War: खामेनेई के बाद पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद की मौत! तेहरान पर हमले से दुनिया में सनसनी

ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के तेहरान स्थित आवास पर भीषण हवाई हमले की खबर ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। खामेनेई की मौत के चंद घंटों बाद हुए इस हमले में अहमदीनेजाद के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। क्या यह ईरान के शीर्ष नेतृत्व के सफाए की शुरुआत है?

Iran War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 1, 2026

Iran War: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिका और इजरायल द्वारा किए जा रहे संयुक्त हवाई हमलों ने तेहरान को पूरी तरह दहला दिया है। इसी सैन्य कार्रवाई के दौरान अब ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के मारे जाने की अपुष्ट खबरें सुर्खियां बन रही हैं। तेहरान पर लगातार हो रही मिसाइल बारिश ने न केवल वर्तमान नेतृत्व बल्कि ईरान की ऐतिहासिक राजनीतिक हस्तियों को भी अपनी चपेट में ले लिया है।

मिसाइल हमलों की चपेट में आए पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद

ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर अमेरिका और इजरायल के साझा हमलों के बीच पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की मौत की खबर ने दुनिया भर के कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अहमदीनेजाद का नाम ईरान के उन नेताओं में शुमार रहा है जिन्होंने पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका के खिलाफ हमेशा कड़ा रुख अपनाया। हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन स्थानीय सूत्रों का दावा है कि तेहरान में हुए भीषण धमाकों के दौरान वे भी हमले की जद में आ गए। उनके कार्यकाल के दौरान ईरान का परमाणु कार्यक्रम वैश्विक चर्चा का विषय बना था।

महमूद अहमदीनेजाद का सफर: मेयर से राष्ट्रपति पद तक

महमूद अहमदीनेजाद साल 2005 से 2013 तक ईरान के छठे राष्ट्रपति रहे। उनका राजनीतिक उदय तेहरान के मेयर के रूप में हुआ था, जहाँ उन्होंने 2003 से 2005 तक अपनी सेवाएं दीं। मेयर रहते हुए उन्होंने अपने पूर्ववर्तियों द्वारा किए गए कई उदारवादी सुधारों को पलट दिया था और धार्मिक कट्टरता को प्राथमिकता दी थी। ईरानी क्रांति के बाद से ही वे सक्रिय रहे और ‘एकता सुदृढ़ीकरण कार्यालय’ में अहम भूमिका निभाई। 1993 में वे प्रांतीय गवर्नर बने, लेकिन 1997 में सुधारवादी राष्ट्रपति मोहम्मद खातमी के आने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था, जिसके बाद वे शिक्षण कार्य में लौट गए थे।

कट्टरपंथी छवि और 2005 का ऐतिहासिक चुनाव

अहमदीनेजाद की छवि एक बेहद कठोर और धार्मिक रूप से कट्टर नेता की रही। 2005 के राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें ‘इस्लामिक ईरान के बिल्डर्स गठबंधन’ का समर्थन प्राप्त था। अपने आक्रामक अभियान के दम पर उन्होंने दूसरे दौर के मतदान में 62% वोट हासिल किए और 3 अगस्त 2005 को ईरान की कमान संभाली। उनके आठ साल के शासनकाल में ईरान ने कई वैश्विक प्रतिबंधों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी अपने रुख में नरमी नहीं आने दी। उनके निधन की खबर, यदि सच साबित होती है, तो यह ईरान के कट्टरपंथी धड़े के लिए एक बड़ा भावनात्मक आघात होगा।

खामेनेई परिवार का अंत: बी-2 बॉम्बर ने मचाई तबाही

अहमदीनेजाद की खबर से पहले आज सुबह ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि ने पहले ही देश को हिला दिया था। रिपोर्टों के अनुसार, खामेनेई के ठिकाने पर कम से कम 30 अमेरिकी ‘बी-2 बॉम्बर’ विमानों ने घातक हमला किया। इस हमले की विभीषिका इतनी अधिक थी कि खामेनेई के साथ उनकी बेटी, पोती, बहू और दामाद समेत परिवार के कई सदस्यों की जान चली गई। इजरायल-अमेरिकी गठबंधन ने इस ऑपरेशन को बेहद सटीक तरीके से अंजाम दिया, जिससे ईरान का शीर्ष नेतृत्व एक ही झटके में बिखर गया।

अलीरेजा अराफी बने नए सुप्रीम लीडर: ईरान में नए युग की शुरुआत

सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान ने प्रशासनिक रिक्तता को भरने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं। धार्मिक और रणनीतिक परिषद ने अलीरेजा अराफी को देश का नया सुप्रीम लीडर (सर्वोच्च नेता) घोषित किया है। अराफी को खामेनेई का विश्वासपात्र माना जाता रहा है और अब उनके कंधों पर युद्ध की इस विभीषिका के बीच देश को एकजुट रखने और जवाबी कार्रवाई करने की भारी जिम्मेदारी है। तेहरान की सड़कों पर सन्नाटा और आसमान में धुएं के गुबार के बीच ईरान अब एक नए और अनिश्चित दौर में प्रवेश कर चुका है।

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