Mahashivratri Snan: संगम तट पर ‘हर-हर महादेव’ की गूंज, ATS के कड़े पहरे में अंतिम स्नान

प्रयागराज माघ मेला 2026 का समापन महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर संगम में आस्था की डुबकी के साथ हुआ। रविवार को 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। कड़े सुरक्षा घेरे और एटीएस की निगरानी के बीच देश भर के शिवालयों में 'हर-हर महादेव' की गूंज रही, जो शिव-शक्ति के दिव्य मिलन का उत्सव मनाती है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 15, 2026

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Mahashivratri Snan: आस्था, आध्यात्म और परंपरा के संगम प्रयागराज में रविवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर जनसैलानी उमड़ पड़ा। माघ मेले के अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण ‘स्नान पर्व’ पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में डुबकी लगाई। यह दिन न केवल कुंभ की तैयारियों की झलक पेश कर रहा था, बल्कि शिव-शक्ति के मिलन के उत्सव में डूबे भक्तों के उत्साह को भी दर्शा रहा था।

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संगम तट पर उमड़ा भक्तों का रेला

बताते चले कि, माघ मेला 2026 के अंतिम औपचारिक स्नान, यानी महाशिवरात्रि पर संगम के घाटों पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। मेला अधिकारी ऋषि राज के अनुसार, इस विशेष अवसर पर अब तक लगभग 10 लाख से अधिक तीर्थयात्री पुण्य की डुबकी लगा चुके हैं। ऋषि राज ने बताया कि महाशिवरात्रि माघ मेले का समापन बिंदु है, जिसके चलते यहाँ भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि हर श्रद्धालु सुगमता से स्नान कर सके।

यूपी एटीएस और कड़े सुरक्षा घेरे में तीर्थयात्रियों का आगमन

आपको बता दे कि, इतनी बड़ी संख्या में जुटी भीड़ और संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध किए हैं। उत्तर प्रदेश एटीएस (Anti-Terrorism Squad) के मोबाइल पेट्रोल स्क्वॉड को पूरे मेला क्षेत्र में तैनात किया गया है। जमीन से लेकर आसमान (ड्रोन) तक कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा बलों की सक्रियता और प्रशासन की चुस्त व्यवस्था के बीच श्रद्धालु बिना किसी भय के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर रहे हैं।

काशी विश्वनाथ में ‘हर-हर महादेव’ की गूंज

प्रयागराज के साथ-साथ मोक्ष की नगरी वाराणसी में भी उत्सव का माहौल चरम पर रहा। काशी विश्वनाथ मंदिर में भोर से ही शिवभक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात के अहमदाबाद में स्थित मिनी सोमनाथ मंदिर, रियासी के आप शंभू महादेव मंदिर और अयोध्या के ऐतिहासिक नागेश्वरनाथ मंदिर में भी भव्य आरती का आयोजन किया गया। देशभर के शिवालयों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के जरिए भक्तों ने अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।

शिव-पार्वती के दिव्य मिलन

महाशिवरात्रि का यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पावन विवाह और दिव्य मिलन का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन महादेव ने वैराग्य त्याग कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था। उनकी बारात में देवता, गंधर्व, पशु-पक्षी और गण सभी शामिल हुए थे। यह त्यौहार ‘शिव और शक्ति’ के संतुलन का उत्सव है। भक्त इस दिन व्रत रखकर, रात्रि जागरण कर और ‘ओम नमः शिवाय’ के जाप से महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

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