Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में अजित पवार और बीजेपी के बीच बढ़ी तकरार, निकाय चुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप

क्या महाराष्ट्र की सत्ता का समीकरण 15 जनवरी के चुनावों से पहले पूरी तरह बदल जाएगा? पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में अजित पवार के तीखे तेवर और बीजेपी नेताओं के साथ जुबानी जंग ने महायुति में 'ऑल इज नॉट वेल' के संकेत दे दिए हैं। आखिर क्यों अजित पवार ने पुराने आरोपों पर बीजेपी को घेरा? जानिए इस सियासी ड्रामे के पीछे का सच।

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Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 3, 2026

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में आगामी निकाय चुनावों के बीच अजित पवार और बीजेपी के बीच तकरार तेज होती जा रही है। दोनों पार्टियां राज्य में गठबंधन सरकार का हिस्सा होने के बावजूद कई शहरों में एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतार चुकी हैं। इस कारण दोनों दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। पहले अजित पवार ने बीजेपी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष रविन्द्र चव्हाण ने भी पलटवार किया है।

Maharashtra Politics: अजित पवार ने बीजेपी पर लगाए भ्रष्टाचार और हफ्ता वसूली के आरोप

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे की पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका में बीजेपी पर भ्रष्टाचार और हफ्ता वसूली का आरोप लगाया था। अजित पवार ने यह आरोप बीजेपी पर राज्य में सत्तारूढ़ रहते हुए किए गए कथित भ्रष्टाचार को लेकर लगाया। उनके बयान के बाद, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र चव्हाण ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि बीजेपी आरोप लगाना शुरू कर दे, तो अजित पवार के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

Maharashtra Politics: रविन्द्र चव्हाण ने अजित पवार को दी सावधानी की सलाह

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र चव्हाण ने अजित पवार को सलाह दी कि उन्हें अपने बयानों में सावधानी बरतनी चाहिए। चव्हाण ने कहा, “अजित पवार को यह समझना चाहिए कि वह किस पार्टी के बारे में बोल रहे हैं। यह पार्टी नरेंद्र मोदी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में काम करती है। अगर हम भी आरोप लगाने लगेंगे तो अजित दादा के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। उन्हें अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए और फिर बयान देना चाहिए।”

अजित पवार ने बीजेपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे

पुणे में बीजेपी नेता मुरलीधर मोहोल द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद, अजित पवार ने अपनी प्रतिक्रिया दी। मोहोल ने सवाल किया था कि एनसीपी पुणे में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को क्यों उतार रही है। इसके जवाब में अजित पवार ने बीजेपी का नाम लिए बिना कहा कि वह उस सरकार का हिस्सा हैं, जिसने पहले उन पर सिंचाई घोटाले के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा, “मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं जो हम पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने देखा है कि किसने भगोड़े अपराधियों को भागने में मदद की। क्या इन आरोपों के बावजूद वे आज मेरे साथ हैं?”

अजित पवार ने बीजेपी नेताओं को घेरा

अजित पवार ने और भी स्पष्ट किया कि उन्हें उन लोगों से सवाल पूछने का हक है, जिन्होंने उनके खिलाफ आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा, “पिछले 15 वर्षों के रिकॉर्ड को देखें कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कितने उम्मीदवारों को बीजेपी ने समर्थन दिया है। अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज हो जाता है, तो क्या वह व्यक्ति बिना दोषी साबित हुए पहले ही अपराधी माना जाता है?” पवार ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ 70,000 करोड़ रुपये के आरोप लगाए गए थे, लेकिन अब जो लोग उन्हें आरोपित कर रहे हैं, क्या वे सभी आज उनके साथ हैं या नहीं?

दोनों पार्टियों के बीच संघर्ष जारी रहेगा

बीजेपी और एनसीपी के बीच यह तकरार चुनावी माहौल में और भी गर्म होती जा रही है। दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं और अपने-अपने पक्ष को सही साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। आगामी चुनावों में यह संघर्ष और बढ़ सकता है, क्योंकि दोनों दल एक-दूसरे के खिलाफ सख्त रवैया अपना रहे हैं। इस राजनीतिक संघर्ष का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर भी पड़ सकता है, जहां इन दोनों दलों के गठबंधन से ही सरकार चल रही है।

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