Maharashtra: महाराष्ट्र में बहुत बड़ा सियासी खेला! एकनाथ शिंदे ने BJP और उद्धव गुट को एक साथ दिया तगड़ा झटका!

कल्याण-डोंबिवली में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के दो कद्दावर पूर्व पार्षद दंपति—श्रीकर चौधरी व प्रमिला चौधरी और शैलेश धात्रक व मनीषा धात्रक—अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं।

Maharashtra

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 4, 2026

Maharashtra: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। ठाणे जिले के राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले कल्याण-डोंबिवली क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उद्धव ठाकरे गुट (Shivसेना UBT) को एक साथ बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ा है। दोनों ही प्रमुख दलों के सात पूर्व पार्षदों समेत करीब 80 वरिष्ठ पदाधिकारियों और उनके सैकड़ों सक्रिय समर्थकों ने एक साथ पाला बदल लिया है। इन सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली असली शिवसेना का दामन थाम लिया है।

यह पूरी सियासी उठापटक बुधवार (03 जून) को कल्याण लोकसभा सीट से सांसद श्रीकांत शिंदे की मौजूदगी में हुई, जहां सभी नेताओं को आधिकारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले हुए इस बड़े दलबदल को ठाणे और कल्याण बेल्ट में विपक्ष की कमर तोड़ने वाले एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।

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बीजेपी के कद्दावर ‘पार्षद दंपतियों’ ने छोड़ा साथ

इस दलबदल में भारतीय जनता पार्टी को सबसे गहरा जख्म मिला है। बीजेपी के दो बेहद कद्दावर और अनुभवी पूर्व पार्षद दंपतियों ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना में एंट्री मार ली है। इनमें पहला नाम श्रीकर चौधरी और उनकी पत्नी प्रमिला चौधरी का है, जबकि दूसरा नाम शैलेश धात्रक और उनकी पत्नी मनीषा धात्रक का है।

ये दोनों ही वीआईपी राजनीतिक घराने लंबे समय तक कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के दो-दो महत्वपूर्ण वार्डों का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। जमीनी स्तर पर इनकी पकड़ और जनता के बीच मजबूत पैठ को देखते हुए, इनका अचानक पार्टी छोड़ना बीजेपी के स्थानीय संगठन के लिए एक बहुत बड़ा सेटबैक माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि इन दोनों परिवारों के जाने से बीजेपी का पुराना वोट बैंक सीधे शिंदे गुट के खाते में शिफ्ट हो सकता है।

उद्धव गुट के 200 से ज्यादा पदाधिकारियों ने भी बदला पाला

झटका सिर्फ बीजेपी को नहीं लगा है, बल्कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को भी ठाणे जिले में भारी नुकसान हुआ है। युवा सेना के प्रमुख स्थानीय नेता योगेंद्र भोईर और ट्विंकल भोईर के साथ डोंबिवली, कल्याण और अंबरनाथ जैसे मजबूत इलाकों के लगभग 200 स्थानीय पदाधिकारियों ने एक साथ उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ दिया। इन सभी युवा और जमीनी नेताओं ने एकनाथ शिंदे की कार्यशैली पर भरोसा जताते हुए शिवसेना की सदस्यता ग्रहण कर ली।

इस मौके पर सांसद श्रीकांत शिंदे ने विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (ट्विटर) पर लिखा कि, “राज्य के मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हमारी पार्टी पूरे महाराष्ट्र में पूरी ऊर्जा और ताकत के साथ जनता के लिए काम कर रही है। सरकार के इसी विकास कार्यों से प्रभावित होकर राज्य के अलग-अलग दलों के बड़े नेता, निर्वाचित प्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता इतनी बड़ी संख्या में लगातार शिवसेना से जुड़ रहे हैं।”

केडीएमसी की पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर हेमा मुंबरकर भी शिवसेना में शामिल

शिवसेना मुख्यालय की ओर से गुरुवार (04 जून) को जारी की गई आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस सियासी हलचल में सिर्फ राजनेता ही नहीं बल्कि प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) की सेवानिवृत्त सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) हेमा मुंबरकर भी अपने पूरे परिवार और समर्थकों के साथ आधिकारिक तौर पर शिवसेना का हिस्सा बन गई हैं।

शिवसेना के शीर्ष नेताओं का मानना है कि हेमा मुंबरकर जैसी वरिष्ठ पूर्व अधिकारी के आने से पार्टी की साख और ज्यादा मजबूत होगी। इस पर खुशी जताते हुए सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि, ‘‘मुंबरकर के पास पूरे 38 वर्षों का लंबा प्रशासनिक अनुभव है, जिसका सीधा लाभ अब हमारी पार्टी को संगठन चलाने और जनता की समस्याओं को नीतिगत तरीके से सुलझाने में मिलेगा।’’ इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब महाराष्ट्र की राजनीति में यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरे भी शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं।

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