24 फरवरी को भोपाल में कांग्रेस का महा आंदोलन: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का संयुक्त दौरा

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 फरवरी को कांग्रेस का बड़ा किसान आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हिस्सा लेंगे। कांग्रेस ने यह आंदोलन भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किया है। पार्टी का कहना है कि यह डील देश के किसानों के हितों के खिलाफ है और मध्यप्रदेश के कपास, सोयाबीन, मक्का और फल उत्पादक किसानों पर इसका खास असर पड़ेगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि किसानों के लिए लड़ाई की शुरुआत मध्यप्रदेश से

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Published On :

फ़रवरी 22, 2026

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भोपाल
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 फरवरी को कांग्रेस का बड़ा किसान आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हिस्सा लेंगे।

कांग्रेस ने यह आंदोलन भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किया है। पार्टी का कहना है कि यह डील देश के किसानों के हितों के खिलाफ है और मध्यप्रदेश के कपास, सोयाबीन, मक्का और फल उत्पादक किसानों पर इसका खास असर पड़ेगा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि किसानों के लिए लड़ाई की शुरुआत मध्यप्रदेश से होगी। उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन छह राज्यों में किया जाएगा।

राष्ट्रव्यापी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत मध्य प्रदेश से
पार्टी ने तय किया है कि ट्रेड समझौते के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत मध्य प्रदेश से होगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि इस डील का सीधा असर सोयाबीन, कपास और मक्का उत्पादक किसानों पर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह समझौता किसानों के आर्थिक हितों पर चोट करता है, इसलिए पार्टी इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाकर व्यापक जनआंदोलन खड़ा करेगी।

किसानों के हक और अधिकारों के समर्थन में अभियान की शुरुआत
जीतू पटवारी ने कहा है कि भोपाल का यह सम्मेलन केवल प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहीं से देशभर में किसानों के हक और अधिकारों के समर्थन में अभियान की शुरुआत की जाएगी। कांग्रेस नेतृत्व इसे किसानों के भविष्य और कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ा निर्णायक संघर्ष बता रहा है। 

इस फैसले की घोषणा नई दिल्ली में कांग्रेस की उच्चस्तरीय बैठक में हुई, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद थे।कांग्रेस का यह कदम किसानों के हितों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

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