Magh Mela 2026: माघ मेले में स्नान का अत्यंत धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। प्रयागराज में लगने वाले माघ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं। माघ मेले के प्रमुख स्नानों में अब तक पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के स्नान संपन्न हो चुके हैं। इन सभी के बाद अब श्रद्धालुओं को माघ मेले के पांचवें और अत्यंत महत्वपूर्ण स्नान का इंतजार है, जो माघ पूर्णिमा के दिन किया जाएगा।
पूर्णिमा तिथि पर स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व शास्त्रों में बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन संगम में स्नान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
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कब है माघ मेले का पांचवां स्नान?

माघ मेले का पांचवां प्रमुख स्नान माघ पूर्णिमा के दिन होगा। इस तिथि को लेकर कई श्रद्धालुओं के मन में असमंजस बना हुआ है कि स्नान 1 फरवरी को होगा या 2 फरवरी को। पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 फरवरी 2026 को सुबह 5 बजकर 52 मिनट से होगी और इसका समापन 2 फरवरी 2026 को सुबह 3 बजकर 38 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 (रविवार) को ही मान्य होगी। इसी दिन माघ मेले का पांचवां स्नान किया जाएगा।
माघ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
माघ पूर्णिमा का दिन स्नान, दान, जप, तप और व्रत के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। साथ ही पितरों की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध करना भी लाभकारी माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन गंगा या त्रिवेणी संगम में स्नान करने से जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। जो लोग संगम तक नहीं पहुंच पाते, वे घर पर स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना और विष्णु सहस्रनाम या भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना शुभ फल देता है।
माघ पूर्णिमा स्नान के शुभ मुहूर्त
माघ पूर्णिमा के दिन स्नान के लिए कई शुभ मुहूर्त प्राप्त हो रहे हैं—
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:54 बजे से 6:17 बजे तक

शुभ स्नान मुहूर्त: सुबह 8:31 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:12 बजे से 12:57 बजे तक
इन शुभ समयों में स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
माघ मेले का अंतिम स्नान कब होगा?
माघ पूर्णिमा के बाद माघ मेले का अंतिम और छठा स्नान महाशिवरात्रि के दिन होगा। वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन स्नान के साथ-साथ भगवान शिव की आराधना का भी विशेष महत्व है।









