Magh Mela 2026: प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 में श्रद्धालुओं की भीड़ अब मिनी कुंभ जैसा रूप लेती दिख रही है। यह वार्षिक धार्मिक आयोजन अपने पवित्र संगम में स्नान और आध्यात्मिक अनुभव के लिए प्रसिद्ध है। मेला प्रशासन के अनुसार, मंगलवार, 27 जनवरी 2026 तक 25 दिनों में 18 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई। आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है, खासकर महाशिवरात्रि के अवसर पर।
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मेला की अवधि और प्रमुख स्नान

माघ मेला 44 दिनों तक चलता है और इस साल भी यह अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। मेला का अंतिम प्रमुख स्नान महाशिवरात्रि पर, 15 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। मेला प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालु माघ मेला समाप्त होने से पहले पवित्र संगम में स्नान करने के लिए उत्सुक हैं।
श्रद्धालुओं की भीड़ और व्यवस्थाएं
मेला प्रशासन ने बताया कि मंगलवार और बुधवार को भारी भीड़ देखने को मिली, हालांकि इन दोनों दिनों में कोई विशेष धार्मिक आयोजन या प्रमुख स्नान नहीं हुआ। इसके बावजूद, श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह का आलम यही दर्शाता है कि माघ मेला अब तक का सबसे बड़ा आयोजन बनता जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इस साल की तैयारियों और व्यवस्थाओं से श्रद्धालु काफी संतुष्ट हैं।
अचला सप्तमी पर रिकॉर्ड
25 जनवरी 2026 को अचला सप्तमी के अवसर पर लगभग 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया। यह ऑफिशियल स्नान उत्सव नहीं था, फिर भी श्रद्धालु सुबह से शाम तक लगातार डुबकी लगाते रहे।
भविष्यवाणी और रिकॉर्ड की उम्मीद

माघ मेला के दौरान महाशिवरात्रि आने में अभी 18 दिन शेष हैं, इसलिए अधिकारियों का अनुमान है कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ेगी। मेला प्रशासन ने कुंभ 2019 का उदाहरण देते हुए बताया कि उस वर्ष 55 दिनों तक चले महाकुंभ में कुल 24 करोड़ तीर्थयात्रियों ने स्नान किया था। इस साल माघ मेला 44 दिन का आयोजन है, और अगर स्थिति जैसी बनी रही तो इस बार श्रद्धालुओं की संख्या कुंभ 2019 के आंकड़ों को पार कर सकती है, जो इतिहास में नया रिकॉर्ड बनेगा।
पूर्वानुमान और तैयारी
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले की शुरुआत से पहले ही 120-150 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान लगाया था। अधिकारियों ने तैयारियों का जायजा लिया और भीड़ के प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए। खास स्नान दिनों में पहले ही नए रिकॉर्ड बन चुके हैं और माघ मेले में स्नान करने वालों की कुल संख्या लगातार बढ़ रही है।









