Magh Mela 2026: प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला-2026 में मौनी अमावस्या का महास्नान सबसे बड़ा आकर्षण होगा। प्रशासन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अनुमान है कि इस दिन 3 से 4 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान करने पहुंच सकते हैं। 18 जनवरी को होने वाले इस पुण्य स्नान के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। करीब 10 हजार पुलिसकर्मी ड्यूटी पर रहेंगे, जिनमें ATS और जल पुलिस भी शामिल हैं। पूरे मेला क्षेत्र पर CCTV कैमरों और आधुनिक सर्विलांस सिस्टम से नजर रखी जाएगी।
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होल्डिंग एरिया और पार्किंग व्यवस्था

मेला विकास प्राधिकरण के मेलाधिकारी ऋषि राज ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख मार्गों के पास 16 अस्थाई होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। इसके अलावा 42 पार्किंग स्थल तैयार किए गए हैं, जहां डेढ़ से दो लाख वाहनों को खड़ा करने की क्षमता होगी। इससे ट्रैफिक दबाव को कम करने और भीड़ को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
अनुमान से अधिक भीड़
पौष पूर्णिमा पर जहां 25 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान था, वहां 31 लाख से अधिक लोगों ने स्नान किया। इसी तरह मकर संक्रांति पर भीड़ का अनुमान 1.25 करोड़ था, लेकिन 1.68 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अब भी मेला क्षेत्र में ठहरे हुए हैं, जिससे मौनी अमावस्या पर भीड़ और अधिक बढ़ने की संभावना है।
स्नान घाटों का विस्तार
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्नान घाटों की लंबाई बढ़ाई जा रही है। पहले स्नान घाटों की कुल लंबाई 2.8 किलोमीटर थी, जिसे बढ़ाकर 3.69 किलोमीटर किया जा रहा है। संगम नोज से दारागंज तक अतिरिक्त स्नान घाट विकसित किए गए हैं। अब पूरे मेला क्षेत्र में कुल 16 स्नान घाट होंगे, जिससे श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान अधिक स्थान और सुविधा मिलेगी।
ट्रैफिक मैनेजमेंट पर फोकस
मौनी अमावस्या पर सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक प्रबंधन की होगी। इसके लिए सीमावर्ती जिलों और शहर के हाईवे पर 16 होल्डिंग एरिया तैयार किए गए हैं, जहां एक लाख से अधिक लोगों को रोका जा सकेगा। मेला क्षेत्र और शहर में बनाए गए 42 पार्किंग स्थलों में करीब 1.30 से 2 लाख वाहनों की व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं
मेला एसएसपी नीरज पांडेय ने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए ATS सहित 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। जल पुलिस, SDRF और NDRF की टीमें गंगा-यमुना की पट्टी में फैले स्नान घाटों पर निगरानी रखेंगी। सेक्टर एक में 500 बेड क्षमता वाले दो आश्रय स्थल, सेक्टर तीन और चार में 250-250 बेड के आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं।
आधुनिक तकनीक और स्वच्छता
पूरे मेला क्षेत्र में AI आधारित सर्विलांस और क्राउड मैनेजमेंट डैशबोर्ड लागू किया गया है। 26 हजार टॉयलेट और तीन हजार यूरिनल बनाए गए हैं। इनकी सफाई के लिए 3300 कर्मियों की तैनाती की गई है। इससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
आवश्यक सेवाओं पर कोई रोक नहीं
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अखबार, दूध, फल, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई करने वाले वाहनों पर कोई रोक नहीं होगी। छोटे वाहनों, बाइक और साइकिल से सामान ले जाने वालों को भी रोका नहीं जाएगा। किसी भी शिकायत पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
माघ मेला-2026 में मौनी अमावस्या का स्नान श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुगम और यादगार बनाने का लक्ष्य प्रशासन ने तय किया है। सभी तैयारियां इसी दिशा में केंद्रित हैं ताकि श्रद्धालु संगम से सुखद अनुभव लेकर लौटें।










