मध्य प्रदेश पुलिस की हाईटेक तैयारी, ‘मिशन स्पेस’ के तहत 18 सैटेलाइट लॉन्च की योजना

इंदौर   मध्य प्रदेश पुलिस अब अपराधियों पर सिर्फ जमीन से नहीं, बल्कि अंतरिक्ष से भी नजर रखने की तैयारी में है। नीति आयोग के सहयोग से प्रदेश पुलिस अपना सैटेलाइट नेटवर्क विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत 18 छोटे सैटेलाइट लॉन्च करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का नोडल कार्यालय इंदौर स्थित पुलिस रेडियो ट्रेनिंग सेंटर को बनाया गया है, जहां पिछले छह माह से रिसर्च, तकनीकी अध्ययन और प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का काम चल रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले इसरो समेत

Wrriten By :

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Published On :

जुलाई 12, 2026

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इंदौर 

 मध्य प्रदेश पुलिस अब अपराधियों पर सिर्फ जमीन से नहीं, बल्कि अंतरिक्ष से भी नजर रखने की तैयारी में है। नीति आयोग के सहयोग से प्रदेश पुलिस अपना सैटेलाइट नेटवर्क विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत 18 छोटे सैटेलाइट लॉन्च करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का नोडल कार्यालय इंदौर स्थित पुलिस रेडियो ट्रेनिंग सेंटर को बनाया गया है, जहां पिछले छह माह से रिसर्च, तकनीकी अध्ययन और प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का काम चल रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले इसरो समेत कई वैज्ञानिक संस्थानों का दौरा किया गया। वहां विशेषज्ञों से तकनीकी पहलुओं पर चर्चा के बाद विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर राज्य शासन के माध्यम से नीति आयोग को भेजा जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के लिए बजट उपलब्ध कराया जाएगा और सैटेलाइट लॉन्च की प्रक्रिया शुरू होगी।

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तीन अलग-अलग ऑर्बिट
योजना के अनुसार, सभी 18 सैटेलाइट पृथ्वी की निचली कक्षा में तीन अलग- अलग ऑर्बिट में स्थापित किए जाएंगे। इनकी मदद से पूरे मध्य प्रदेश पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी। इसका सबसे बड़ा लाभ पुलिस क्युनिकेशन सिस्टम को मिलेगा। अभी कई दूरस्थ और वन क्षेत्रों में वायरलेस नेटवर्क कमजोर होने से संचार प्रभावित होता है, लेकिन सैटेलाइट आधारित नेटवर्क शुरू होने के बाद प्रदेश के किसी भी कोने से स्पष्ट और निर्बाध संपर्क संभव होगा।

क्युनिकेशन सिस्टम होगा बेहतर
यह सैटेलाइट सिस्टम केवल पुलिस संचार तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रैफिक मैनेजमेंट, कानूनव्यवस्था की निगरानी, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित सूचना, बड़े आयोजनों की मॉनिटरिंग और आपातकालीन परिस्थितियों में भी इसका उपयोग किया जाएगा। इससे पुलिस की प्रतिक्रिया समय में कमी आएगी और निर्णय लेने की क्षमता भी अधिक प्रभावी होगी।

'क्रांतिकारी साबित होगी योजना'
डीआइजी मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, यह परियोजना मध्य प्रदेश पुलिस के लिए तकनीकी रूप से क्रांतिकारी साबित होगी। इससे पुलिस का क्युनिकेशन सिस्टम कई गुना अधिक मजबूत होगा और मॉनिटरिंग की क्षमता भी बढ़ेगी। परियोजना पूरी होने पर मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन सकता है, जिसकी पुलिस के पास अपना स्वतंत्र सैटेलाइट नेटवर्क होगा।

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