Haryana News: मां भीमेश्वरी मंदिर के कर्मचारियों पर वेतन संकट, छह महीने से भुगतान अटका

हरियाणा के बेरी स्थित मां भीमेश्वरी मंदिर में वेतन संकट ने 22 कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। छह महीने से भुगतान अटका होने के बाद कर्मचारी मुख्यमंत्री नायब सैनी तक पहुंचे। जानिए शृाइन बोर्ड के अधीन आने के बाद वेतन क्यों रुका और समाधान कब मिल सकता है।

मां भीमेश्वरी मंदिर के कर्मचारियों पर वेतन संकट

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 25, 2026

Haryana News: हरियाणा के झज्जर जिले के बेरी स्थित प्रसिद्ध मां भीमेश्वरी मंदिर के कर्मचारियों के सामने इन दिनों बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मंदिर को शृाइन बोर्ड के अधीन किए जाने के बाद यहां कार्यरत कर्मचारियों का वेतन भुगतान लंबे समय से लंबित है। जानकारी के अनुसार मंदिर में काम करने वाले 22 कर्मचारियों को पिछले करीब छह महीनों से वेतन नहीं मिला है। वेतन रुकने के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारियों का कहना है कि पहले मंदिर का संचालन ट्रस्ट के माध्यम से होता था, तब तक वेतन व्यवस्था नियमित थी। लेकिन मंदिर को 3 दिसंबर से शृाइन बोर्ड के नियंत्रण में लाने के बाद प्रशासनिक ढांचे में बदलाव हुआ और इसी दौरान कर्मचारियों के वेतन का मामला अटक गया। कर्मचारियों के अनुसार वे लगातार अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रख रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

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मुख्यमंत्री से मुलाकात कर लगाई गुहार

लंबे समय से वेतन नहीं मिलने से परेशान कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर अपनी परेशानी विस्तार से बताई और लंबित वेतन जल्द जारी करवाने की मांग की। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से कहा कि वेतन न मिलने के कारण उनके घरों का बजट बिगड़ गया है और परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की समस्या सुनने के बाद उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में विकास पुरी, राजेश शर्मा, प्रदीप वत्स, रजत कुमार, मनोज कुमार, मुन्नीलाल, सुल्तान सिंह और कमल कुमार सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने बताया कि वे मंदिर में लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन वेतन रुकने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।

अधिकारियों से भी कई बार कर चुके शिकायत

कर्मचारियों के अनुसार वे इस मुद्दे को लेकर बेरी की एसडीएम और शृाइन बोर्ड की सीईओ रेणुका नांदल से भी कई बार मिल चुके हैं। इसके अलावा झज्जर के उपायुक्त के सामने भी अपनी समस्या रखी जा चुकी है। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों की ओर से उन्हें बताया गया है कि वेतन भुगतान से जुड़ा मामला मंजूरी के लिए चंडीगढ़ भेजा जा चुका है और अंतिम स्तर पर प्रक्रिया चल रही है।

हालांकि, कर्मचारियों का आरोप है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक वेतन जारी नहीं हुआ है। इससे कर्मचारियों में चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि छह महीने से वेतन न मिलने के कारण बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च, राशन, दवाइयों और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना चुनौती बन गया है।

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जल्द समाधान की उम्मीद

मंदिर कर्मचारियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद अब उनकी समस्या का जल्द निपटारा होगा। कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि उनके लंबित वेतन का भुगतान शीघ्र किया जाए, ताकि वे आर्थिक संकट से बाहर निकल सकें और अपने परिवारों का पालन-पोषण सही ढंग से कर सकें।