
Lucknow Triple Murder: लखनऊ के नौबस्ता में हुए दिनदहाड़े ट्रिपल मर्डर के बाद पीड़ित परिवार के लिए सरकार ने कई बड़े ऐलान किए हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने परिवार को आर्थिक और सुरक्षा से जुड़ी मदद देने का भरोसा दिया है। मृतक शिवाजी तिवारी की पत्नी रुचि तिवारी को नगर निगम में ओएसडी का पद देने की घोषणा की गई है। वहीं, 12वीं में पढ़ रही उनकी बेटी की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। इसके साथ ही परिवार को सुरक्षा और लाइसेंसी हथियार देने का भी आश्वासन दिया गया है।
पीड़ित परिवार को मिलेगी सरकारी मदद
परिजनों से बातचीत के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मीडिया को बताया कि परिवार की मदद के लिए जरूरी फैसले लिए गए हैं। मृतक शिवाजी तिवारी की पत्नी रुचि तिवारी को नगर निगम में ओएसडी का पद दिया जाएगा। वहीं, उनकी बेटी की शिक्षा का पूरा खर्च जिला प्रशासन की ओर से उठाया जाएगा, ताकि परिवार पर आई इस मुश्किल घड़ी में उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
इसके अलावा, परिवार की सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। डिप्टी सीएम ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई कराने का भी आश्वासन दिया। परिवार को लाइसेंसी हथियार देने की बात भी कही गई है।
पांच घंटे की बातचीत के बाद अंतिम संस्कार पर सहमति
पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार सुबह शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी और बेटे सुयश के शव घर पहुंचे। तीनों शवों को देखकर घर की महिलाएं फूट-फूटकर रोने लगीं। परिवार के लोगों ने आरोपी पर पूरे परिवार को उजाड़ने का आरोप लगाया और उसके लिए फांसी की मांग की। साथ ही, आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी उठाई।

परिवार ने शुरुआत में तीनों शवों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और परिजनों के बीच कई घंटे तक बातचीत चली। सरकार की ओर से मदद, सुरक्षा और कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद परिवार शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुआ।
भावुक हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भावुक नजर आए। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया और खुद तीनों शवों को कंधा दिया। इसके बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए गुलाला घाट ले जाया गया। इस दौरान परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।परिजनों की मांग थी कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और परिवार को सुरक्षा दी जाए। सरकार की ओर से किए गए ऐलानों के बाद अंतिम संस्कार को लेकर बना गतिरोध खत्म हुआ।
लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस की कार्रवाई
इस हत्याकांड के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट भी हरकत में आ गया है। पुलिस कमिश्नर ने संबंधित कोतवाल और दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले में पुलिस की भूमिका और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को चबूतरा बनाने को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश और कार पार्किंग को लेकर हुए ताजा विवाद के बाद शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी और बेटे सुयश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई थी।
अब पीड़ित परिवार को सरकारी मदद और सुरक्षा देने के साथ आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। परिवार की मांग है कि दोषियों को ऐसी सजा मिले, जिससे उन्हें न्याय मिल सके।











