UP News: लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा, 11 किमी तटबंध बना 5 लाख लोगों के लिए सुरक्षा कवच

लखनऊ में मूसलाधार बारिश के बाद गोमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से फैजुल्लागंज समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। रिवर फ्रंट भी पानी में डूब गया। वहीं एलडीए के 11 किलोमीटर लंबे निर्माणाधीन तटबंध ने गोमती नगर विस्तार और सीजी सिटी की करीब 5 लाख आबादी को संभावित बाढ़ से राहत दी।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 4, 2026

UP News:  राजधानी लखनऊ और आसपास के इलाकों में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद गोमती नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। नदी के उफान पर आने से फैजुल्लागंज और आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई। वहीं, गोमती नदी का रिवर फ्रंट भी बढ़े जलस्तर की चपेट में आ गया और उसका बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया। लगातार बढ़ते जलस्तर ने शहर के नदी किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी।

लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर का 11 किलोमीटर तटबंध बना सुरक्षा कवच

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बताते चले कि, गोमती नदी में बढ़े पानी के बीच लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी एलडीए की ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत निर्माणाधीन तटबंध ने बड़ी भूमिका निभाई। करीब 11 किलोमीटर लंबे इस बंधे ने गोमती नगर विस्तार और सीजी सिटी समेत आसपास के रिहायशी इलाकों में नदी के पानी को प्रवेश करने से रोकने में मदद की। अधिकारियों के अनुसार, इस तटबंध के कारण करीब 5 लाख की आबादी को संभावित बाढ़ के गंभीर प्रभाव से बचाने में मदद मिली है। ऐसे में निर्माणाधीन बंधा फिलहाल स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा कवच के तौर पर सामने आया है।

गोमती नदी किनारे 28 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर तैयार हो रहा

लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से गोमती नदी के किनारे करीब 28 किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है। इसी परियोजना के तहत पिपराघाट से शहीद पथ और शहीद पथ से किसान पथ के बीच लगभग 11 किलोमीटर लंबाई में तटबंध बनाया जा रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान इस निर्माणाधीन बंधे की उपयोगिता सामने आई। तटबंध के चलते नदी की बढ़ती धारा को रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ने से रोकने में मदद मिली।

पुलिस मुख्यालय से सीजी सिटी तक कई इलाकों को मिली राहत

बीते शनिवार को लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी. और एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने गोमती रिवर फ्रंट समेत नदी के तटवर्ती इलाकों का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तटबंध और आसपास की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, यदि निर्माणाधीन तटबंध मौजूद नहीं होता तो पुलिस मुख्यालय, मलेशेमऊ, सरसवां, गोमती नगर विस्तार, अवध शिल्पग्राम और सीजी सिटी समेत कई महत्वपूर्ण इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ सकता था। तटबंध ने इन क्षेत्रों को संभावित बाढ़ से बचाने में अहम भूमिका निभाई।

300 करोड़ की लागत से अप्रैल 2027 तक पूरा होगा तटबंध निर्माण

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एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, आधुनिक शहरों में नदियों के किनारे विकास के साथ बाढ़ सुरक्षा के लिए तटबंधों का निर्माण किया जाता है। इसी तर्ज पर लखनऊ में भी नदी किनारे के क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने की योजना पर काम हो रहा है। ग्रीन कॉरिडोर के तीसरे चरण में पिपराघाट से शहीद पथ के बीच तटबंध का निर्माण जनवरी 2026 में शुरू हुआ था। वहीं चौथे चरण में शहीद पथ से किसान पथ के बीच तटबंध निर्माण का काम अप्रैल 2026 में शुरू किया गया। करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 11 किलोमीटर लंबा तटबंध अप्रैल 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।

फैजुल्लागंज बाढ़ से बचाने के लिए 182 करोड़ का नया बंधा मंजूर

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गोमती नदी के बढ़े जलस्तर से प्रभावित फैजुल्लागंज क्षेत्र को भविष्य में बाढ़ और जलभराव से राहत दिलाने के लिए भी एलडीए ने योजना तैयार की है। इसके तहत आईआईएम रोड से खदरा होते हुए हार्डिंग ब्रिज तक गोमती नदी के बाएं तट पर नया तटबंध बनाया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 182 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रस्तावित बंधे से फैजुल्लागंज, दाऊद नगर, मामा कॉलोनी और आसपास की घनी आबादी वाले इलाकों को नदी के बढ़े जलस्तर के कारण होने वाले बाढ़ और जलभराव से सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

लखनऊ में बाढ़ सुरक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर

ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य केवल लखनऊ में यातायात कनेक्टिविटी को बेहतर करना नहीं है, बल्कि गोमती नदी के किनारे बसे क्षेत्रों को बाढ़ के खतरे से सुरक्षित करना भी है। मौजूदा बारिश और बढ़े जलस्तर के बीच निर्माणाधीन तटबंध की उपयोगिता सामने आने के बाद नदी किनारे के इलाकों में भविष्य की बाढ़ सुरक्षा को लेकर उम्मीद बढ़ी है। आने वाले समय में प्रस्तावित नए तटबंधों के निर्माण से फैजुल्लागंज समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को नियंत्रित करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।