Lucknow Flood: गोमती उफनी तो लखनऊ बेहाल, इकाना स्टेडियम के पास भरा पानी; मैच पर भी नजर

लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। इकाना स्टेडियम के पास शहीद पथ अंडरपास में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। मिश्री बाग में छह हजार लोग परेशान हैं, जबकि कई क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से 20 ट्रांसफार्मरों की बिजली आपूर्ति बंद की गई।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 6, 2026

Lucknow Flood: लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई इलाकों में हाहाकार मच गया है. गोमती नगर विस्तार में इसका असर साफ तौर दिखाई दे रहा है, , जहां इकाना स्टेडियम के आसपास गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. इकाना स्टेडियम के आसपास पानी भरने से सोमवार को शहीद पथ के नीचे बने अंडरपास में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। खास बात यह है कि मंगलवार को इसी इकाना स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 मुकाबला प्रस्तावित है.

इकाना स्टेडियम के पास अंडरपास में भरा पानी

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इकाना स्टेडियम के पास अंडरपास में भरा पानी

बताते चले कि, गोमतीनगर विस्तार स्थित इकाना स्टेडियम के पास शहीद पथ के नीचे बने अंडरपास में नाले के जरिए पानी पहुंचने लगा। देखते ही देखते कुछ ही समय में यहां काफी जलभराव हो गया, जिससे वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। इसके अलावा भागीदारी भवन और अंबेडकर स्मारक के पास से जी-20 रोड की ओर जाने वाले मार्ग के अंडरपास में भी पानी भर गया। स्थिति की जानकारी मिलते ही नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि एक नाले के रास्ते इकाना क्षेत्र में पानी पहुंच रहा है। जल निकासी के लिए कई पंप लगाए गए हैं।

गोमती ग्रीन्स सोसायटी पर भी बाढ़ का खतरा

आपको बता दे कि, गोमती ग्रीन्स सोसायटी के पास स्थित नाले में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे सोसायटी के विद्युत उपकेंद्र में पानी घुसने का खतरा बढ़ गया है। उपकेंद्र को सुरक्षित रखने के लिए उसके चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाने का काम तेज कर दिया गया है। जलस्तर लगातार बढ़ने से सोसायटी के लोगों में बिजली आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है। वहीं, सोसायटी प्रबंधन की ओर से भी अपने स्तर पर जलभराव से निपटने और विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।

लखनऊ के कई इलाकों में बिजली सप्लाई ठप

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लखनऊ के कई इलाकों में बिजली सप्लाई ठप

गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जलभराव की स्थिति को देखते हुए सोमवार को फैजुल्लागंज, दाउद नगर, कुड़ियाघाट, गऊघाट, गुलालाघाट और मिश्रीबाग समेत कई इलाकों में 20 ट्रांसफार्मरों से बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। बिजली विभाग के मुख्य अभियंता के मुताबिक ट्रांसफार्मरों के आसपास पानी जमा होने से शॉर्ट सर्किट और करंट फैलने का गंभीर खतरा था। इसी वजह से पवन विहार, भार्गव कॉलोनी और गणेश विहार ब्लॉक-जे के 400 केवीए ट्रांसफार्मरों तथा शिल्पी के पास लगे 100 केवीए ट्रांसफार्मर को बंद किया गया। इसके चलते गणेश विहार, अन्नपूर्णा नगर और शिल्पी स्कूल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।

दयाल पैराडाइज चौराहे पर उफना नाला

गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर का असर गोमतीनगर के दयाल पैराडाइज चौराहे पर भी देखने को मिला। सोमवार दोपहर बाद यहां बना नाला अचानक उफनने लगा और पानी बैकफ्लो होकर सड़क पर फैल गया। इससे जनेश्वर मिश्र पार्क के गेट नंबर-2 की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी जलभराव हो गया। स्थिति को देखते हुए आम लोगों के लिए यह रास्ता बंद कर दिया गया। ट्रैफिक पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए वाहन चालकों को गेट नंबर-2 की ओर जाने से बचने और वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी।

मिश्री बाग में छह हजार आबादी जलभराव से परेशान

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मिश्री बाग में छह हजार आबादी जलभराव से परेशान

मल्लाही टोला के मिश्री बाग इलाके में करीब छह हजार की आबादी जलभराव की समस्या से जूझ रही है। नगर निगम की ओर से पानी निकालने के लिए आठ पंप लगाए गए हैं, लेकिन सोमवार को मौके पर इनमें से केवल चार पंप ही चलते हुए मिले। पंपों के जरिए कॉलोनी का पानी निकालकर नाले में डाला जा रहा है। हालांकि करीब 50 मीटर दूर स्थित खुले नाले के कारण पानी दोबारा कॉलोनी की तरफ लौट रहा है, जिससे जल निकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है।

पंप के जरिए पानी बाहर निकालने की कोशिश की जा रही

मिश्री बाग में एक तरफ बड़े पंपों के जरिए पानी बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ नाले का पानी वापस उसी इलाके में पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक नाले के बैकफ्लो को रोकने का इंतजाम नहीं किया जाता, तब तक पंपों से पानी निकालने की कवायद पूरी तरह प्रभावी नहीं होगी। लोगों के मुताबिक पंप से निकाला गया पानी नाले में जाने के बाद फिर उसी रास्ते कॉलोनी की ओर लौट रहा है। इससे जलभराव लगातार बना हुआ है और प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।