Lucknow Fire: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकास नगर इलाके में बुधवार की शाम एक ऐसी त्रासदी आई, जिसने सैकड़ों परिवारों को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया। मंशीपुलिया के पास स्थित झुग्गी बस्तियों में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते करीब 200 से अधिक झुग्गियां जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गईं। यह मंजर इतना खौफनाक था कि धुएं का गुबार 10 किलोमीटर दूर से ही आसमान में दिखाई दे रहा था।
Lucknow Fire : लखनऊ के विकास नगर में भीषण अग्निकांड, 200 झुग्गियां खाक, सिलिंडर धमाकों से दहला इलाका
चिंगारी से लेकर विकराल लपटों तक

खबरों के अनुसार, आग की शुरुआत रिंग रोड के पास एक खाली भूखंड से हुई थी। तेज हवाओं के चलते आग की चिंगारियां पास ही बनी झुग्गी बस्तियों तक जा पहुँचीं। झुग्गियों में मौजूद प्लास्टिक, कबाड़ और अन्य ज्वलनशील सामग्री ने ‘घी’ का काम किया, जिससे आग तेजी से फैलने लगी।
इस अग्निकांड की भयावहता तब और बढ़ गई जब घरों में रखे छोटे रसोई गैस सिलेंडरों में एक के बाद एक कई धमाके हुए। इन विस्फोटों के कारण पूरा इलाका आग के गोले में तब्दील हो गया और आसमान लाल धुएं से भर गया। धमाकों की आवाज और उठती लपटों को देखकर आसपास के होटल और ऑटोमोबाइल शोरूम में मौजूद लोग भी दहशत में आ गए।
चीख-पुकार और जान बचाने की जद्दोजहद
जब आग ने बस्तियों को अपनी चपेट में लिया, तो वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर इधर-उधर भागने लगे। कई लोग अपने बच्चों और जरूरी सामान को सुरक्षित निकालने की कोशिश में चीखते-चिल्लाते नजर आए।
दमकल विभाग ने आग की गंभीरता को देखते हुए न केवल बस्तियों बल्कि आसपास की इमारतों को भी आनन-फानन में खाली करा लिया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ियां मौके पर पहुँचीं और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि प्रारंभिक जांच में किसी के हताहत होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, हालांकि करोड़ों की संपत्ति और लोगों की जीवनभर की कमाई जलकर राख हो गई।
प्रशासनिक सक्रियता और मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश भी जारी किए हैं।
घटनास्थल पर पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्थिति का जायजा लिया और प्रभावितों को ढांढस बंधाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी घायल इलाज से वंचित न रहे और पीड़ितों को जल्द से जल्द सहायता प्रदान की जाए।









