
Lucknow News: दीपावली से पहले लखनऊ के लोगों के लिए अच्छी खबर है। राजधानी में तीन नए बिजली उपकेंद्र चालू करने की तैयारी चल रही है। इनमें बसंतकुंज योजना के सेक्टर-आई और सेक्टर-जे उपकेंद्र के साथ गोमतीनगर का विशेषखंड उपकेंद्र शामिल है। इन उपकेंद्रों के शुरू होने से करीब 1.50 लाख लोगों को बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर गर्मियों में बिजली की बढ़ती मांग के बीच इन उपकेंद्रों से आपूर्ति व्यवस्था बेहतर हो सकती है।
सेक्टर-आई और सेक्टर-जे में तेजी से चल रहा काम

बताते चले कि, बसंतकुंज इलाके में अभी पुराने बिजली उपकेंद्र से सप्लाई की जाती है। गर्मी के मौसम में जब बिजली की खपत बढ़ती है, तो पुराने उपकेंद्र पर लोड ज्यादा हो जाता है। इसके कारण कई इलाकों में बिजली कटौती और कम वोल्टेज की परेशानी सामने आती है। बिजली जाने से घरों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित होती है। इस समस्या से परेशान स्थानीय लोग कई बार बिजली उपकेंद्र पहुंचकर विरोध जता चुके हैं।
2×10 MVA क्षमता के होंगे दोनों नए उपकेंद्र
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, लगातार सामने आ रही दिक्कतों को देखते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बसंतकुंज योजना के सेक्टर-आई और सेक्टर-जे में 2×10 एमवीए क्षमता वाले बिजली उपकेंद्र बनाने का फैसला किया। सेक्टर-जे उपकेंद्र के पावर ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत किया जा चुका है। यहां 132 केवी जेहटा ट्रांसमिशन उपकेंद्र से 33 केवी की भूमिगत डबल सर्किट लाइन के जरिए बिजली पहुंचाई जाएगी।
वहीं, सेक्टर-आई उपकेंद्र में भी 2×10 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर लगाया गया है। हालांकि, बारिश के कारण भूमिगत केबल बिछाने का काम प्रभावित हुआ है। केबल का काम पूरा होने के बाद इस उपकेंद्र को भी चालू करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।
निर्माण अंतिम चरण में
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विशेषखंड बिजली उपकेंद्र का निर्माण भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। इसके जल्द तैयार होने की उम्मीद है। तीनों उपकेंद्र चालू होने से बिजली वितरण व्यवस्था पर मौजूदा दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। इससे दुबग्गा और राष्ट्र प्रेरणा स्थल के आसपास के इलाकों समेत संबंधित क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बेहतर होने की संभावना है।
बिजली कटौती और लो-वोल्टेज पर क्या बोले मुख्य अभियंता?

अमौसी जोन के मुख्य अभियंता राम कुमार के मुताबिक, बसंतकुंज के सेक्टर-आई और सेक्टर-जे में एलडीए की ओर से उपकेंद्र बनाए जा रहे हैं। इनके चालू होने से दुबग्गा और राष्ट्र प्रेरणा स्थल के आसपास के क्षेत्रों में ओवरलोडिंग, लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।
मीटर और बिजली कनेक्शन की शिकायतें भी उठीं
दूसरी ओर, बिजली कनेक्शन और थ्री-फेज मीटर लगाने में हो रही देरी का मामला भी सामने आया है। उत्तर प्रदेश अपना व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मध्यांचल विद्युत निगम के एमडी संदीप भागिया से मुलाकात कर उपभोक्ताओं की समस्याएं रखीं।
व्यापार मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारी अजय यादव ने बताया कि लखनऊ सेंट्रल जोन के एक उपभोक्ता का बिजली लोड 4 से बढ़ाकर 5 किलोवाट कर दिया गया, लेकिन अब तक थ्री-फेज मीटर नहीं लगाया गया। इसके अलावा सरोजनी नगर के गढ़ी चुनौटी निवासी एक व्यक्ति ने कृषि पीटीडब्ल्यू कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। वहां कृषि फीडर और 100 केवीए का ट्रांसफार्मर मौजूद होने के बावजूद 25 केवीए ट्रांसफार्मर लगाने सहित 2,50,986 रुपये का एस्टीमेट अपलोड किए जाने पर सवाल उठाए गए।
बिजली कनेक्शन की शिकायतों पर जांच के आदेश

व्यापार मंडल ने भवानीगंज निवासी एक दुकानदार के कनेक्शन आवेदन को एनओसी जमा करने के बाद भी निरस्त किए जाने का मामला भी उठाया। शिकायतों को सुनने के बाद मध्यांचल विद्युत निगम के एमडी संदीप भागिया ने सभी मामलों की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, दीपावली से पहले तीन नए बिजली उपकेंद्र चालू होने से लखनऊ के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं, उपभोक्ताओं की मीटर और कनेक्शन संबंधी शिकायतों पर होने वाली जांच से भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।











