Lucknow News: लखनऊ में 32 करोड़ की हेरोइन बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ के दुबग्गा इलाके के महिपतमऊ में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने कथित हेरोइन फैक्ट्री का खुलासा किया है। कार्रवाई में करीब 32 करोड़ रुपये की हेरोइन और एक लोडेड जिगाना पिस्टल बरामद होने की जानकारी है। दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है। जांच एजेंसियां कथित सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।

Lucknow News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 13, 2026

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कार्रवाई की है। दुबग्गा इलाके के महिपतमऊ में छापेमारी के दौरान हेरोइन बनाने की एक कथित अवैध फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। मौके से करीब 32 करोड़ रुपये कीमत की हेरोइन और एक लोडेड विदेशी जिगाना पिस्टल बरामद होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों अमजद और जुहैल को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अनस, सोहेल और माज फरार बताए जा रहे हैं।

दुबग्गा में हेरोइन फैक्ट्री का खुलासा

दुबग्गा में हेरोइन फैक्ट्री का खुलासा

बताते चले कि, यह कार्रवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले जानकीपुरम इलाके में भी हेरोइन बनाने की अवैध फैक्ट्री पकड़े जाने की बात सामने आई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने राजधानी में नशीले पदार्थों के निर्माण और सप्लाई नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी अमजद और जुहैल बी-फार्मा की पढ़ाई कर चुके हैं। आरोप है कि दोनों अपनी शैक्षणिक जानकारी का इस्तेमाल नशीला पदार्थ तैयार करने के लिए कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक लैब जैसी व्यवस्था बना रखी थी, जहां कथित तौर पर हेरोइन तैयार की जाती थी।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि फैक्ट्री कब से चल रही थी और तैयार नशीले पदार्थ की सप्लाई किन-किन लोगों तक पहुंचाई जा रही थी।

कई राज्यों और जिलों तक सप्लाई का दावा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य गुवाहाटी से हेरोइन बनाने के लिए कच्चा माल और रसायन मंगवाते थे। इसके बाद तैयार माल को झारखंड और उत्तर प्रदेश के झांसी, हरदोई तथा बरेली समेत कई इलाकों में भेजे जाने का आरोप है। अगर जांच में इस नेटवर्क की पुष्टि होती है, तो यह मामला केवल एक अवैध फैक्ट्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके तार दूसरे जिलों और राज्यों से भी जुड़ सकते हैं। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां सप्लाई चेन, पैसों के लेन-देन और आरोपियों के संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।

फैक्ट्री की सुरक्षा के लिए रखा था पिटबुल

बताया जा रहा है कि अवैध फैक्ट्री तक किसी अनजान व्यक्ति की पहुंच रोकने के लिए वहां एक पिटबुल कुत्ता भी रखा गया था। आरोप है कि इसका इस्तेमाल परिसर की सुरक्षा के लिए किया जाता था, ताकि बाहरी लोग आसानी से अंदर न आ सकें।हालांकि, ANTF को मिली सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में कथित अवैध कारोबार का खुलासा हो गया। मौके से हेरोइन और पिस्टल की बरामदगी के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हथियार कहां से आया और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।

दुबग्गा पुलिस की भूमिका पर सवाल

महिपतमऊ में कथित अवैध फैक्ट्री मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह ठिकाना दुबग्गा थाने के क्षेत्र में था। ऐसे में जांच के दौरान यह भी स्पष्ट करना होगा कि अवैध गतिविधियां कब से चल रही थीं और स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी किसी को थी या नहीं।

फिलहाल अमजद और जुहैल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस फरार आरोपियों अनस, सोहेल और माज की तलाश में जुटी है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पहचान करने और नशीले पदार्थों की सप्लाई पर रोक लगाने की कोशिश कर रही हैं। मामले में आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों और बरामदगी से जुड़ी सभी जानकारियों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के दौरान होगी।