विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाला लखनऊ साइबर रैकेट पकड़ा गया

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अमरिका, कनाडा समेत कई अन्य देशों के नागरिकों को झांसे में लेकर अरबों की ठगी करने वाले साइबर अपराधियों के अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का कमिश्नरेट पुलिस ने खुलासा किया। गिरोह विभूतिखंड इलाके में स्थित समिट बिल्डिंग के 11वें तल पर दो कार्यालय (कॉल सेंटर खोलकर) करीब सवा साल से ठगी कर रहे थे। गिरोह, विदेशी नागरियों को डिजिटल अरेस्ट, ब्लैकमेलिंग, ई-वॉलेट में समस्या होने पर मदद करने और खरीदारी का झांसा देकर ठगी करते थे। गिरोह के लोग मुख्य रूप से डॉलर एप और आईबीम सॉफ्टवेयर के माध्यम से ठगी करते थे। पुलिस

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Published On :

जुलाई 2, 2026

लखनऊ 
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अमरिका, कनाडा समेत कई अन्य देशों के नागरिकों को झांसे में लेकर अरबों की ठगी करने वाले साइबर अपराधियों के अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का कमिश्नरेट पुलिस ने खुलासा किया। गिरोह विभूतिखंड इलाके में स्थित समिट बिल्डिंग के 11वें तल पर दो कार्यालय (कॉल सेंटर खोलकर) करीब सवा साल से ठगी कर रहे थे। गिरोह, विदेशी नागरियों को डिजिटल अरेस्ट, ब्लैकमेलिंग, ई-वॉलेट में समस्या होने पर मदद करने और खरीदारी का झांसा देकर ठगी करते थे। गिरोह के लोग मुख्य रूप से डॉलर एप और आईबीम सॉफ्टवेयर के माध्यम से ठगी करते थे। पुलिस ने कॉल सेंटर के 27 लड़कियां, दो प्रोग्राम मैनेजर समेत 119 लोगों को हिरासत में ले लिया।

साइबर, क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीमें अलग-अलग पूछताछ कर गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही हैं। पुलिस टीम ने मंगलवार देर रात कार्यालय में छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर के दोनों कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस टीम ने गेट को लाक कर दिया, जिससे कोई भाग न पाए। कार्रवाई के दौरान समिट बिल्डिंग के गेट पर भी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पकड़े गए आरोपियों में गुजरात के अहमदाबाद जनपद का रहने वाला ललित खैराजानी (हाल पता गोमतीनगर विस्तार) और उसका साथी विक्रम सिंह परमार है। दोनों कार्यालय में ऑपरेशन मैनेजर के पद पर तैनात थे।

बरामद इलेक्ट्रानिक गैजेट्स को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा
इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और आसाम व अन्य राज्यों की 27 लड़कियां व 92 लड़के हैं। सभी टीमों से पूछताछ की जा रही है। शहर में इतना बड़ा कॉल सेंटर पकड़े जाने की सूचना पर संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध अपर्णा कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार, डीआईजी साइबर क्राइम, पुलिस उपायुक्त पूर्व डॉ. दीक्षा शर्मा, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध किरन यादव समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। बरामद इलेक्ट्रानिक गैजेट्स को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
बरामदगी :

100 लैपटॉप, 178 मोबाइल फोन, कालिंग डेटा, हजारों बैंकों की ई-वॉलेट डिटेल व अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

पकड़े गए 119 लोगों से पूछताछ की जा रही
संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार ने बताया कि कॉल सेंटर के लोग मुख्य रूप से अमेरिकन नागरिकों को ठगते थे। गिरोह डिजिटल अरेस्ट, ब्लैकमेलिंग, ई-वॉलेट करेप्ट होने का भय दिखाकर और कई अन्य तरीके से ठगी करते थे। पकड़े गए 119 लोगों से पूछताछ की जा रही है। गिरोह का नेटवर्क खंगाला जा रही है। जालसाजों से पूछताछ कर अन्य साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं।