Lucknow Hit and Run Case: कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी कांड की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बंथरा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्र की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दी। तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से छह लोग लहूलुहान हो गए, जिनमें से एक छह वर्षीय मासूम ने दम तोड़ दिया।
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बंथरा में सड़क दुर्घटना की भयावहता
बताते चले कि, घटना गुरुवार, 12 फरवरी की शाम करीब 6 बजे की है। कानपुर रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक अनियंत्रित स्विफ्ट कार ने सड़क पर मौत का तांडव मचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक उस पर नियंत्रण नहीं रख सका। कार ने पहले एक ऑटो रिक्शा को जोरदार टक्कर मारी और फिर सड़क किनारे चल रहे राहगीरों को बेरहमी से कुचलते हुए आगे बढ़ गई।
स्कूली फेयरवेल से लौट रहे छात्र की लापरवाही
पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी 12वीं कक्षा का छात्र है, जो अपने स्कूल के विदाई समारोह (फेयरवेल) से लौट रहा था। कार में उसके साथ उसकी एक महिला मित्र भी सवार थी। हादसे के तुरंत बाद, आरोपी ने मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखते हुए घायल मासूम और अन्य लोगों की मदद करने के बजाय भागना उचित समझा। उसने रास्ते में अपनी मित्र को उतारा और वाहन सहित फरार हो गया। पुलिस ने लड़की से पूछताछ कर दुर्घटना में शामिल कार को बरामद कर लिया है।
घायलों का विवरण और इलाज के दौरान मासूम दीक्षांत की मृत्यु
इस भीषण सड़क हादसे में कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। घायलों की पहचान 12 वर्षीय अरमान, 42 वर्षीय अवध बिहारी, 35 वर्षीय साधना वर्मा, 60 वर्षीय मीना देवी और 6 वर्षीय दीक्षांत पटेल के रूप में हुई है। सभी को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से दीक्षांत की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद दीक्षांत पटेल को बचाया नहीं जा सका और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
VIP कल्चर और पुलिसिया कार्रवाई पर उठते सवाल
यह मामला कानपुर के उस लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट की याद दिलाता है, जहाँ एक रसूखदार व्यवसायी के शामिल होने के कारण पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। कानपुर मामले में वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद ‘अज्ञात’ के खिलाफ मामला दर्ज करने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की थी। अब लखनऊ पुलिस के सामने चुनौती है कि वह इस मामले में बिना किसी दबाव के त्वरित कार्रवाई करे। फिलहाल, पुलिस की टीमें फरार छात्र की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं।









