UP News: लखनऊ में बनेगी AI सिटी! योगी सरकार की तैयारी तेज, 25 से ज्यादा प्रस्ताव मिले

उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार लखनऊ AI सिटी परियोजना पर काम कर रही है। प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट में वृन्दावन आईटी सिटी को उपयुक्त स्थान माना गया है। परियोजना के लिए 25 से ज्यादा प्रस्ताव मिले हैं। इससे प्रदेश में तकनीकी निवेश, नवाचार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

UP News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 19, 2026

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UP News: उत्तर प्रदेश को तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए योगी सरकार लखनऊ AI सिटी परियोजना पर काम कर रही है। इस योजना का मकसद प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी कंपनियों को बढ़ावा देना और निवेश के नए रास्ते खोलना है। सरकार की कोशिश है कि लखनऊ को ऐसा आधुनिक तकनीकी केंद्र बनाया जाए, जहां AI आधारित कंपनियां अपना कारोबार शुरू कर सकें और नई तकनीकों पर काम करने वाले लोगों को बेहतर अवसर मिलें।

इस परियोजना के जरिए प्रदेश में तकनीकी उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की योजना है। इससे लखनऊ की पहचान केवल प्रशासनिक राजधानी तक सीमित न रहकर एक उभरते टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी मजबूत हो सकती है।

वृन्दावन आईटी सिटी में AI सिटी बनाने की तैयारी

बताते चले कि, लखनऊ AI सिटी की स्थापना को लेकर तैयार की गई प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट में कई अहम पहलुओं का आकलन किया गया है। इसमें जमीन के चयन, परियोजना की योजना, विकास के ढांचे और देश-विदेश में पहले से मौजूद ऐसी परियोजनाओं के अनुभवों को ध्यान में रखा गया है।

रिपोर्ट के आधार पर वृन्दावन आईटी सिटी को प्रस्तावित AI सिटी-कम-बिजनेस पार्क के लिए सबसे उपयुक्त स्थान के रूप में चिह्नित किया गया है। इस परियोजना के तहत तकनीकी कंपनियों और कारोबार से जुड़ी गतिविधियों को एक ही जगह पर विकसित करने की योजना है। हालांकि, जमीन को लेकर अंतिम फैसला और आगे के विकास की प्रक्रिया अभी महत्वपूर्ण चरणों में है।

लखनऊ AI सिटी में निवेश के लिए 25 से ज्यादा प्रस्ताव

आपको बता दे कि, लखनऊ AI सिटी परियोजना में संभावित साझेदारों को जोड़ने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे। इसके लिए 26 जुलाई 2025 को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया गया था। इसके जवाब में 25 से ज्यादा प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

इसे परियोजना में संभावित निवेशकों और साझेदारों की दिलचस्पी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार की योजना AI आधारित कंपनियों को प्रोत्साहित करने और इस क्षेत्र में कारोबारी गतिविधियों को बढ़ाने की है। हालांकि, प्रस्ताव मिलने का मतलब यह नहीं है कि सभी कंपनियों का निवेश या परियोजना में शामिल होना अंतिम रूप से तय हो चुका है।

AI सिटी परियोजना के लिए कंसल्टेंट और विशेषज्ञों की नियुक्ति

AI सिटी-कम-बिजनेस पार्क की योजना बनाने और उसे जमीन पर उतारने के लिए विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जा रही है। परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) से जुड़ी व्यवस्था के तहत ट्रांजेक्शन एडवाइजर और कंसल्टेंसी संस्था की नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही परामर्श सेवाओं के लिए निविदा प्रक्रिया के जरिए कंसल्टेंट का चयन भी किया गया है।निर्धारित निर्देशों के मुताबिक, कंसल्टेंट को नियुक्ति की तारीख से एक साल के भीतर जमीन के संबंध में अंतिम निर्णय लेने और परियोजना के लिए मास्टर डेवलपर को जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी है। इससे परियोजना के विकास का ढांचा तय करने और निवेश को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

योगी सरकार की AI सिटी से रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद

लखनऊ AI सिटी परियोजना का असर केवल तकनीकी कंपनियों तक सीमित नहीं रहने वाला है। इसके विकसित होने पर AI, डिजिटल तकनीक, अनुसंधान और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो सकते हैं। तकनीकी कौशल रखने वाले युवाओं को रोजगार के मौके मिलने और नई कंपनियों को अपना कारोबार शुरू करने के लिए बेहतर माहौल मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा, परियोजना उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षित करने और भविष्य की तकनीक से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभा सकती है। फिलहाल जमीन के अंतिम चयन, विकास की योजना और मास्टर डेवलपर को जोड़ने जैसे चरणों पर आगे काम होना है। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही साफ होगा कि लखनऊ AI सिटी का विकास किस रफ्तार से आगे बढ़ता है और इससे प्रदेश को कितने बड़े स्तर पर फायदा मिलता है।