LPG Rate Today: 13 जून को देशभर में 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। हाल ही में 7 जून को कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली थी, जिसके बाद इस सप्ताह दरें स्थिर बनी हुई हैं। इससे पहले 7 मार्च को भी सिलेंडर के दामों में लगभग 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। इस तरह पिछले कुछ महीनों में LPG की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कमर्शियल सिलेंडर पर बढ़ा बोझ
घरेलू गैस के साथ-साथ 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भी हाल ही में लगभग 42 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं और उतार-चढ़ाव का असर इस बढ़ोतरी पर साफ देखा जा रहा है। 1 जून के बाद से कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कई बार संशोधन किया जा चुका है।
वैश्विक तनाव का असर LPG सप्लाई पर
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थिति, LPG की आपूर्ति पर असर डाल रहे हैं। भारत अपनी LPG जरूरतों का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है, जिसमें प्रमुख रूप से मध्य पूर्व देश शामिल हैं।
सप्लाई चेन में बाधा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर तनाव के कारण वैश्विक ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है। इसका सीधा प्रभाव भारत में LPG, पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ रहा है।
घरेलू LPG खपत में गिरावट
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के अनुसार, इस वर्ष LPG की खपत में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। कुल खपत घटकर लगभग 2.13 मिलियन टन रह गई है। यह बदलाव ईंधन कीमतों और वैश्विक आपूर्ति परिस्थितियों से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
सब्सिडी और सरकार का पक्ष
सरकार का कहना है कि भारत में LPG की कीमतें अभी भी वैश्विक स्तर पर सबसे कम हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि के कारण घरेलू LPG की वास्तविक लागत 1600 रुपये से अधिक तक पहुंच गई है, जबकि उपभोक्ताओं को यह सिलेंडर लगभग 942 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार नॉन-उज्ज्वला ग्राहकों को लगभग 700 रुपये और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को करीब 1000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है।
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कंपनियों को हो रहा नुकसान
तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को हर LPG सिलेंडर पर लगभग 700 रुपये तक का घाटा उठाना पड़ रहा है। सरकार इसे आंशिक रूप से नियंत्रित करने के लिए कीमतों में मामूली बढ़ोतरी कर रही है, जिसे नीतिगत रूप से संतुलित कदम बताया गया है।
कीमत बढ़ोतरी का आम उपभोक्ता पर असर
हाल की बढ़ोतरी को सरकार ने बहुत मामूली बताया है। अधिकारियों के अनुसार, 29 रुपये की वृद्धि का मतलब प्रतिदिन लगभग 1 रुपये का अतिरिक्त खर्च है। यदि कोई परिवार साल में लगभग 12 सिलेंडर उपयोग करता है, तो यह खर्च प्रति सदस्य केवल 20 पैसे प्रतिदिन के आसपास बैठता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव
भारत में LPG की कीमतें सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) से जुड़ी होती हैं, जो वैश्विक स्तर पर इसका बेंचमार्क माना जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, हाल के भू-राजनीतिक तनावों के कारण इस बेंचमार्क में लगभग 46 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
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