LPG Crises: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष का असर अब भारत के रसोइयों और उद्योगों तक पहुंच गया है। देशभर में LPG सिलेंडरों की भारी किल्लत और ईंधन की कमी को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने सरकार के उन आश्वासनों को खोखला बताया है, जिनमें कहा गया था कि वैश्विक युद्ध का भारत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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संजय राउत का कड़ा प्रहार
बताते चले कि, राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने एलपीजी की कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से देश में कमर्शियल और घरेलू गैस की भारी किल्लत पैदा हो गई है। राउत ने तंज कसते हुए कहा, “प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और विदेश मंत्री ने कहा था कि कीमतों पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन आज मुंबई समेत कई शहरों में रेस्तरां बंद हो रहे हैं।” उन्होंने मोरबी के टाइल उद्योग और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर मंडराते खतरे का भी जिक्र किया।
‘नाले से गैस’ वाले बयान पर तंज
LPG की कमी के बीच संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमला करते हुए उनके एक पुराने बयान की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद को ‘वैज्ञानिक’ बताते हैं और उन्होंने नाले से गैस बनाने का प्रयोग सुझाया था। राउत ने चुटकी लेते हुए कहा कि यदि देश में इतनी किल्लत है, तो प्रधानमंत्री को अब मुंबई जैसे शहरों में ऐसे ही गैस प्लांट का उद्घाटन कर देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब जनता संकट में है, तब पीएम और उनके समर्थक पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।
सरकार की नई गाइडलाइंस
ऊर्जा आपूर्ति में आई वैश्विक रुकावटों को देखते हुए केंद्र सरकार ने घरेलू LPG रिफिल (Domestic Gas Supply) को प्राथमिकता देने के लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (Essential Commodities Act) लागू कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत घरों और अस्पतालों के लिए कोटा आरक्षित किया गया है, जबकि कमर्शियल गैस वितरण में कटौती की गई है। इसके अलावा, सरकार ने अब एक सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरे सिलेंडर के लिए 25 दिनों की अनिवार्य ‘इंटर-बुकिंग अवधि’ तय कर दी है, जिससे उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
विपक्ष की एकजुटता
LPG संकट को लेकर केवल शिवसेना ही नहीं, बल्कि कांग्रेस और वामपंथी दल भी हमलावर हैं। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने सरकार को ‘रणनीतिक विफलता’ के लिए घेरा, वहीं CPI(M) सांसद वी. शिवदासन ने इसे संसद और सड़क दोनों जगह उठाने का ऐलान किया है। CPI सांसद पी. संतोष कुमार ने राज्यसभा में ‘नियम 267’ के तहत कार्य स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) का नोटिस दिया है। विपक्ष का आरोप है कि एलपीजी सिलेंडरों के लिए बढ़ते वेटिंग पीरियड और बढ़ती कीमतों ने आम नागरिक का जीना मुहाल कर दिया है।
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