LPG Crisis: देश में कमर्शियल LPG सिलेंडरों की किल्लत और आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधान ने अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ गई है। जहाँ विपक्ष इसे सरकार की नीतियों की विफलता बता रहा है, वहीं केंद्र सरकार इसे वैश्विक संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का परिणाम मान रही है।
प्रियांक खड़गे का तीखा हमला
कर्नाटक के आईटी-बीटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने शनिवार को केंद्र की मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए LPG सिलेंडरों की कमी (LPG Shortage) को “भाजपा द्वारा पैदा किया गया संकट” करार दिया। खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कुछ उद्योगपति मित्रों के हितों को साधने के लिए देश की विदेश नीति (Foreign Policy) और राष्ट्रहित के साथ समझौता किया है। उन्होंने पश्चिम एशिया के संघर्ष और इजरायल-ईरान तनाव का जिक्र करते हुए केंद्र से पूछा कि आखिर इस महत्वपूर्ण समय में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी कहां गायब हैं?
एस्मा (ESMA) और इजरायल दौरा
मंत्री खड़गे ने प्रधानमंत्री के पिछले इजरायल दौरे और ईरानी नेतृत्व पर हुए हमलों की निंदा न करने पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि यदि देश में ईंधन आपूर्ति (Fuel Supply) का कोई संकट नहीं है, तो सरकार को ‘आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम’ (ESMA Implementation) लागू करने की आवश्यकता क्यों पड़ी? खड़गे के अनुसार, केंद्र सरकार की “विनाशकारी नीतियां” ही इस किल्लत के पीछे का मुख्य कारण हैं और पिछले दस दिनों के युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
संसद में निर्मला सीतारमण का जवाब
वहीं दूसरी ओर, लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। ‘अनुदान की अनुपूरक मांगों’ (2025-26) पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जब सरकार वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में आ रही रुकावटों से निपटने की तैयारी कर रही है, तब विपक्ष देशहित में साथ देने के बजाय राजनीति कर रहा है। उन्होंने विपक्ष के व्यवहार को “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण” और “निंदनीय” बताया।
राजकोषीय बफर और आपूर्ति प्रबंधन
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार पश्चिम एशिया की स्थिति और LPG संकट (Gas Supply Crisis) जैसी अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करने के लिए ₹50,000 करोड़ का फिस्कल बफर (Fiscal Buffer) या ‘इक्वलाइज़ेशन फंड’ तैयार कर रही है। सीतारमण ने कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष का काम केवल “सीढ़ियों पर बैठकर चाय पीना और LPG पर बातें करना” रह गया है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी फंड का इंतजाम कर रही है, लेकिन विपक्ष अपना खुद का राजनीतिक एजेंडा चलाने में व्यस्त है।










