लोकसभा में हंगामा: पीएम मोदी का भाषण टला, कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित

नईदिल्ली  आज लोकसभा में भारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम लोकसभा को संबोधित करने वाले थे। लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते यह संबोधन नहीं हो सका। संसद के चालू बजट सत्र के दौरान लोकसभा में गतिरोध जारी है. लोकसभा में लगातार तीसरे दिन भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज शाम पांच बजे से लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा

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Published On :

फ़रवरी 4, 2026

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नईदिल्ली 

आज लोकसभा में भारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम लोकसभा को संबोधित करने वाले थे। लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते यह संबोधन नहीं हो सका।

संसद के चालू बजट सत्र के दौरान लोकसभा में गतिरोध जारी है. लोकसभा में लगातार तीसरे दिन भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज शाम पांच बजे से लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देना था, लेकिन सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई और पीएम का संबोधन टल गया.

हंगामे के कारण पीठासीन संध्या राय ने शाम पांच बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, पीपी चौधरी से बोलने के लिए कहा. विपक्षी सदस्य तख्तियां लेकर वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी. हंगामे के शोर में पीठासीन ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.

वहीं, राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है. राज्यसभा में पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर स्टेटमेंट दिया. विपक्ष ने इस पर आपत्ति की और एक दिन पहले संसद के बाहर उनके बयान को लेकर सवाल उठाया. मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी की निंदा वाली किताबें लहराए जाने का मुद्दा उठाया. 

इससे पहले, पीयूष गोयल जब ट्रेड डील पर जवाब दे रहे थे, तब भी सदन में विपक्षी सांसदों द्वारा लगातार हंगामा किया जा रहा था। लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें शांत कराने की पूरी कोशिश भी की, लेकिन वे शांत होने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।

सरकार का दोहरा मापदंड, लोकतंत्र की हत्या: वेणुगोपाल

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, "पिछले दो दिनों से लोकसभा में किस बात की लड़ाई चल रही थी? यही कि आप अनुच्छेद 349 के तहत किताब नहीं पढ़ सकते… यह नियमों के खिलाफ है और राहुल गांधी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। खुद स्पीकर ने इस पर व्यवस्था दी थी।" उन्होंने आगे कहा, "आज राहुल गांधी ने कहा, 'मैं किसी किताब या पत्रिका का हवाला नहीं दे रहा हूं; मैं बस बोलना चाहता हूं।' इसके बावजूद उन्हें बोलने नहीं दिया गया; एक सेकंड के भीतर ही उनका माइक बंद कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर, आज निशिकांत दुबे ने 5 मिनट तक किताबों और पत्रिकाओं का हवाला दिया, जो कि नियमों के खिलाफ है। यह सरकार का दोहरा मापदंड है। यह स्पष्ट रूप से लोकतंत्र की हत्या है।"

सपा सांसद राजीव राय ने सरकार के कदम की आलोचना की, जानें क्या कहा

सपा सांसद राजीव राय ने कहा, "सदन में नहरू जी, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी को भ्रष्टाचार, गद्दार कहा गया लेकिन माइक एक बार भी बंद नहीं हुआ अगर राहुल गांधी , अखिलेश यादव या विपक्ष का कोई भी नेता कुछ बोलता है तो एक सेकंड में माइक बंद किया जाता है। बिना उनकी मर्जी के माइक नहीं चलता है और लगातार निशिकांत दुबे को बोलने दिया गया। अगर यही लोकतंत्र है तो ये दुर्भाग्यपूर्ण हैं।"

सरकार नेता प्रतिपक्ष को किताब कोट नहीं करने दे रही-प्रियंका गांधी

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "जब सरकार चाहती है कि कुछ व्यवधान करना है तो सरकार उन्हें(निशिकांत दुबे) को उठाती है। सरकार नेता प्रतिपक्ष को किताब कोट नहीं करने दे रहे हैं जो कि एक प्रकाशित किताब है। ये लोग कह रहे हैं कि यह नियम का उल्लंघन है। यह सरकार स्पष्ट दिखाना चाहती है कि इस संसद में केवल उन्हीं की चलती है। यह लोकतंत्र का अनादर है। यह संसद लोकतंत्र का मंदिर है और इसमें सभी की आस्था है।"

लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में सत्ताधारी और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस

सूत्रों ने बताया कि आज लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में सत्ताधारी दल और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस हुई है।

देश की जनता सब देखती है- केंद्रीय मंत्री बी.एल वर्मा

केंद्रीय मंत्री बी.एल वर्मा ने कहा, "सदन का हर सत्र महत्वपूर्ण होता है विशेष रूप से बजट सत्र और इसमें जिस तरह से विपक्ष हंगामा करके सदन में व्यवधान पैदा करना चाहता है, यह देश की जनता सब देखती है…यहां अपने विचारों को रखना चाहिए लेकिन उनके पास शोर मचाने के अलावा कुछ नहीं है…"

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