Lok Sabha Speaker Om Birla: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस पार्टी के कुछ सांसदों ने लोकसभा स्पीकर Om Birla के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की है। इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद Kodikunnil Suresh ने कहा कि पार्टी को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि सदन में विपक्ष के नेता को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार अनुरोध करने के बावजूद स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi को सदन में अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी।
9 मार्च से शुरू होगा बजट सत्र का दूसरा चरण
आपको बता दें कि, कांग्रेस सांसद कोडिकुन्निकल सुरेश ने मीडिया से बातचीत में बताया कि संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होने जा रहा है। उनके अनुसार सत्र के पहले दिन ही लोकसभा स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। सुरेश ने कहा कि कांग्रेस ने कई बार स्पीकर से आग्रह किया था कि नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने दिया जाए, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। इसी वजह से पार्टी को यह कदम उठाना पड़ा।
तृणमूल कांग्रेस ने भी किया समर्थन का ऐलान
बताते चलें कि, इस मुद्दे पर कांग्रेस को अन्य विपक्षी दलों का भी समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। All India Trinamool Congress के सांसदों ने भी स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करने की घोषणा की है। पार्टी की प्रमुख Mamata Banerjee के निर्देश पर तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में खड़े होने का फैसला लिया है। इससे संसद में इस मुद्दे को लेकर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
कांग्रेस सांसदों ने लगाए कई आरोप
कांग्रेस के तीन सांसदों Mohammed Jawed, Kodikunnil Suresh और Mallikarjun Ravi—ने स्पीकर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्पीकर का रवैया निष्पक्ष नहीं रहा है और वे कई मामलों में सत्ताधारी दल के पक्ष में दिखाई देते हैं। सांसदों का आरोप है कि विपक्ष की महिला सांसदों के खिलाफ भी बेवजह टिप्पणियां की गईं और उन्हें अनुचित तरीके से आरोपों का सामना करना पड़ा।
विपक्षी सांसदों के निलंबन पर भी उठे सवाल
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि जब विपक्षी सांसद जनता से जुड़े मुद्दे उठाते हैं तो उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया जाता है। वहीं दूसरी ओर, सत्तारूढ़ दल के सांसदों द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती। कांग्रेस का कहना है कि इस तरह का व्यवहार संसद की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। पार्टी का आरोप है कि स्पीकर को सभी दलों के प्रति समान और निष्पक्ष रवैया रखना चाहिए।
संसद के कामकाज पर पड़ सकता है असर
कांग्रेस सांसदों का मानना है कि अगर सदन के अध्यक्ष का रवैया निष्पक्ष नहीं रहेगा, तो लोकसभा के सुचारु संचालन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि संसद में सभी पक्षों को अपनी बात रखने का बराबर अवसर मिलना चाहिए।
सांसदों को जारी किया गया तीन लाइन व्हिप
इस बीच सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party और विपक्षी Indian National Congress दोनों ने अपने-अपने लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। इस व्हिप के तहत सभी सांसदों को 9 से 11 मार्च के बीच सदन में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर संसद में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।










