Lashkar Commander Confession: अज्ञात गनमैन का खौफ, 30 से ज्यादा आतंकियों की मौत का दावा

एक लश्कर कमांडर के कथित बयान में दावा किया गया है कि एक 'अज्ञात गनमैन' के डर से आतंकी नेटवर्क में बेचैनी है और 30 से अधिक आतंकियों के मारे जाने का दावा भी किया गया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां मामले से जुड़े तथ्यों पर नजर बनाए हुए हैं।

Lashkar Commander Confession

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 4, 2026

Lashkar Commander Confession:  प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक शीर्ष कमांडर के कथित कबूलनामे ने पाकिस्तान और आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामलों में नई चर्चा छेड़ दी है। कमांडर ने दावा किया है कि पिछले तीन से चार वर्षों के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में संगठन के 30 से ज्यादा आतंकवादी अज्ञात हमलावरों के हाथों मारे गए हैं।कथित तौर पर इन घटनाओं को पाकिस्तान के कई प्रमुख इलाकों में अंजाम दिया गया, जिनमें रावलकोट, रावलपिंडी, कराची, पेशावर और मुजफ्फराबाद जैसे स्थान शामिल हैं। इस खुलासे के बाद आतंकी संगठनों के भीतर चल रही गतिविधियों और सुरक्षा हालात को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।

वायरल वीडियो में भारतीय एजेंसियों पर लगाए आरोप

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर रिजवान हनीफ को इन हत्याओं के लिए कथित रूप से भारतीय खुफिया एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराते हुए देखा जा रहा है। हालांकि, इस वीडियो की प्रमाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।वीडियो में कथित तौर पर हनीफ यह कहते हुए नजर आ रहा है कि भारतीय एजेंसियों ने लश्कर से जुड़े लोगों को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भी सुरक्षित नहीं रहने दिया। उसने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में इस तरह की 30 से अधिक घटनाएं सामने आई हैं।

कमांडर ने कई शहरों में आतंकियों के मारे जाने का किया दावा

कथित वीडियो में लश्कर कमांडर ने कहा कि संगठन से जुड़े कई लोग अलग-अलग शहरों में मारे गए। उसने पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलकोट और मुजफ्फराबाद जैसे क्षेत्रों का नाम लेते हुए दावा किया कि वहां लश्कर के सदस्यों को निशाना बनाया गया।उसने यह भी कहा कि मारे गए लोगों का संबंध आतंकी संगठन से था और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर उसने सवाल उठाए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वीडियो की वास्तविकता को लेकर भी जांच जारी है।

पाकिस्तान लगातार भारत पर लगाता रहा है आरोप

गौरतलब है कि पाकिस्तान पिछले कुछ समय से अपने यहां आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों की मौत की घटनाओं को लेकर भारत पर आरोप लगाता रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया है।नई दिल्ली का रुख रहा है कि पाकिस्तान अपनी धरती पर सक्रिय आतंकी संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करे। भारत लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि इन संगठनों को पाकिस्तान में सुरक्षित ठिकाने और समर्थन मिलता रहा है।

हाफिज सईद के बेटे का वीडियो भी आया था सामने

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर सामने आए एक अन्य वीडियो को लेकर भी चर्चा हुई थी, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के बेटे तलहा सईद को इस्लामाबाद में एक जनाजे में शामिल होते हुए देखा गया था।इस घटना के बाद भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान पर आतंकवादियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखती रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में भी पाकिस्तान की आलोचना

आतंकवादी संगठनों को लेकर पाकिस्तान की भूमिका पर कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी सवाल उठा चुकी हैं। अमेरिकी कांग्रेस रिसर्च सर्विस (CRS) समेत कई रिपोर्टों में पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों और उनके खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर चिंता जताई गई है।रिपोर्टों में कहा गया है कि पाकिस्तान को अपनी जमीन पर मौजूद आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कठोर कदम उठाने चाहिए। हालांकि, पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता रहा है।

आतंकी नेटवर्क पर उठे नए सवाल

लश्कर कमांडर के कथित बयान के बाद एक बार फिर क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और उनके अंदरूनी हालात को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यदि वीडियो की पुष्टि होती है तो यह पहली बार होगा जब लश्कर से जुड़े किसी शीर्ष व्यक्ति ने सार्वजनिक रूप से इतने बड़े स्तर पर अपने संगठन के सदस्यों की मौत का दावा किया है।फिलहाल इस मामले में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन इस कथित खुलासे ने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों की गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी को और बढ़ा दिया है।

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