Konda Surekha Sacked: बेटी के बयान पर रेवंत रेड्डी का बड़ा एक्शन, मंत्रिमंडल से हटाया; तेलंगाना कांग्रेस में घमासान

Konda Surekha Sacked: तेलंगाना की राजनीति में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंत्री कोंडा सुरेखा को कैबिनेट से हटाने की सिफारिश की है। कार्रवाई उनकी बेटी की मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेताओं पर की गई विवादित टिप्पणियों के बाद हुई। आखिर इस फैसले से पार्टी के भीतर क्या बदलेगा?

Konda Surekha Sacked

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 3, 2026

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Konda Surekha Sacked : तेलंगाना कांग्रेस में चल रहे अंदरूनी विवाद के बीच मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने मंत्री कोंडा सुरेखा को राज्य मंत्रिमंडल से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में राज्यपाल को सिफारिश भेजी गई है। मुख्यमंत्री का यह कदम तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासनात्मक समिति की सिफारिश के बाद सामने आया है। समिति ने पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के आरोपों को लेकर सुरेखा के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की थी।

कोंडा सुरेखा की बेटी के बयान से शुरू हुआ विवाद

मंत्री कोंडा सुरेखा से जुड़ा विवाद अगस्त में उस समय गहरा गया था, जब उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता पटेल ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और उनके परिवार को लेकर कथित तौर पर विवादित टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई। हालांकि, सुरेखा ने स्पष्ट किया था कि उनकी बेटी ने अपनी व्यक्तिगत राय रखी थी और इसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।

रेवंत खेमे के नेताओं ने की अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग

बेटी के बयान के बाद कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के समर्थक नेताओं और विधायकों ने कोंडा सुरेखा के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी। मामला पार्टी की अनुशासनात्मक समिति तक पहुंचा। समिति ने पूरे विवाद पर विचार करने के बाद सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने की सिफारिश की। इसके साथ ही पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने को लेकर नेतृत्व का रुख भी सख्त दिखाई दिया।

दिल्ली में वेणुगोपाल और खरगे से हुई मुलाकात

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के सामने भी यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने सुरेखा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। दूसरी ओर, बढ़ते राजनीतिक दबाव के बावजूद कोंडा सुरेखा ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को उनके खिलाफ कार्रवाई करने की चुनौती भी दी थी। बुधवार को उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। बताया गया कि इस मुलाकात के दौरान भी उन्हें कार्रवाई की संभावना से अवगत कराया गया।

चिन्ना रेड्डी पर भी गिरी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गाज

प्रदेश कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति ने केवल कोंडा सुरेखा के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश नहीं की थी। समिति ने प्लानिंग बोर्ड से चिन्ना रेड्डी को हटाने की भी अनुशंसा की थी। उन पर भी पार्टी अनुशासन तोड़ने के आरोप लगे थे। मुख्यमंत्री की कार्रवाई के बाद चिन्ना रेड्डी को तेलंगाना प्लानिंग बोर्ड के पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह गडवाल विजयलक्ष्मी को प्लानिंग बोर्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ओबीसी महिला नेतृत्व को साधने की कोशिश

कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद राजनीतिक नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने तत्काल कई नियुक्तियां की हैं। वारंगल जिले से जुड़ी तीन ओबीसी महिला नेताओं को अलग-अलग बोर्ड और निगमों की जिम्मेदारी दी गई है। गडवाल विजयलक्ष्मी को तेलंगाना योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं नेरेला शारदा को तेलंगाना राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है।

सुधा रानी को काकतीय शहरी विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी

पूर्व राज्यसभा सांसद जी. सुधा रानी को काकतीय शहरी विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है। इन नियुक्तियों को सुरेखा को हटाए जाने के बाद डैमेज कंट्रोल की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व की कोशिश ओबीसी महिला नेतृत्व के बीच संतुलन बनाए रखने और राजनीतिक संदेश को मजबूत करने की बताई जा रही है।

तेलंगाना कांग्रेस में पहले भी सामने आ चुके हैं विवाद

तेलंगाना कांग्रेस में नेताओं और समर्थकों के बीच टकराव का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी राज्य में पार्टी के भीतर राजनीतिक विवाद सुर्खियों में रहे हैं। पिछले महीने सूर्यापेट में सांसद और विधायक के समर्थकों के बीच कथित झड़प की घटना भी चर्चा में रही थी। ऐसे में कोंडा सुरेखा को लेकर हुई कार्रवाई को तेलंगाना कांग्रेस में अनुशासन और संगठनात्मक नियंत्रण मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

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