West Bengal News: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर नया नियम! शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को दिए सख्त निर्देश

कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने विसर्जन की सुरक्षा बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हुगली नदी में दुर्गा प्रतिमाओं को छूने को लेकर बयान दिया है। विसर्जन की निगरानी के लिए कोलकाता, हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर में 18 आईपीएस अधिकारी तैनात किए गए हैं।

West Bengal News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 21, 2026

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West Bengal News: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शहर के एक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट पर है। इसी बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हुगली नदी में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रतिमाओं को छूने की अनुमति केवल सनातन धर्म को मानने वाले लोगों को दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी निर्देश भी दिए हैं।

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर शुभेंदु अधिकारी का बयान

बताते चले कि, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी बुधवार को कोलकाता के बाबूघाट पहुंचे और वहां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हुगली नदी में विसर्जन के समय प्रतिमाओं को ले जाने और उन्हें छूने वाले लोगों की पहचान पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि इस प्रक्रिया में शामिल लोगों की पहचान सुनिश्चित की जाए।

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर शुभेंदु अधिकारी का बयान

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सनातन धर्म को मानने वाले लोग ही दुर्गा प्रतिमाओं को छुएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले को सांप्रदायिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान अपनाए जाने वाले नियमों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

कोलकाता में दुर्गा विसर्जन की सुरक्षा बढ़ाई गई

बाबूघाट पर निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद और कोलकाता नगर आयुक्त स्मिता पांडे भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विजयादशमी के दिन प्रतिमा विसर्जन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने की तैयारियों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानियां बरती जा रही हैं। व्यवस्था को मजबूत किया गया है और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी एनडीआरएफ को भी इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद घाटों और आसपास के इलाकों में साफ-सफाई का काम कराया जाएगा, ताकि लोगों को परेशानी न हो।

दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद 18 IPS अधिकारियों की तैनाती

दरअसल, महाष्टमी की शाम कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है।

दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद 18 IPS अधिकारियों की तैनाती

एक अधिकारी के मुताबिक, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की निगरानी के लिए कुल 18 आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया गया है। इनमें से 12 अधिकारी कोलकाता में व्यवस्था संभालेंगे, जबकि छह अधिकारियों को हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर में जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी 21 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक अलग-अलग तारीखों पर विसर्जन की निगरानी करेंगे। सभी अधिकारियों के लिए ड्यूटी का अलग-अलग कार्यक्रम तैयार किया गया है।

कोलकाता, हावड़ा और चंदननगर में कौन संभालेगा जिम्मेदारी?

कोलकाता में गौरव शर्मा, सोमा दास मित्रा, राशिद मुनीर खान, आकाश मघारिया, सुरेश कुमार चदिवे और धृतिमान सरकार 21 और 23 अक्टूबर को विसर्जन की निगरानी करेंगे। वहीं, प्रवीण कुमार त्रिपाठी, इमरान वहाब, शिश राम झाझरिया, सौम्या रॉय, पारिजात विश्वास और सिद्धार्थ धपोला 22 और 24 अक्टूबर को ड्यूटी संभालेंगे।

हावड़ा में इंद्र चक्रवर्ती 21 और 23 अक्टूबर को तैनात रहेंगे, जबकि अवुरू रवींद्रनाथ 22 और 24 अक्टूबर को विसर्जन की निगरानी करेंगे। बैरकपुर में पलाश चंद्र ढाली और द्युतिमान भट्टाचार्य को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, चंदननगर में अभिजीत बनर्जी और संदीप मंडल व्यवस्था पर नजर रखेंगे।

विसर्जन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था पर प्रशासन की नजर

कोलकाता में भगदड़ की घटना के बाद इस बार दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने पर खास जोर दिया जा रहा है। पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मिलकर काम करेंगी। अब प्रशासन की प्राथमिकता यह है कि विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।