Rajya Sabha Election: बंगाली सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री कोयल मल्लिक (रुक्मिणी मल्लिक) ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. बीजेपी में उनके शामिल होते ही बंगाल की राजनीति में सियासत गर्म है. खास बात यह है कि बीजेपी ने उन्हें पश्चिम बंगाल की खाली हुई एकमात्र राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है. कोयल मल्लिक का यह राजनीतिक कदम इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि कुछ महीने पहले ही वह तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा पहुंची थी.
कोयल मल्लिक को BJP ने बनाया राज्यसभा उपचुनाव में उम्मीदवार

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने पश्चिम बंगाल की खाली राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए रुक्मिणी मल्लिक यानी कोयल मल्लिक के नाम पर अपनी मुहर लगा दी है। पश्चिम बंगाल में इस सीट के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। विधानसभा में मौजूदा राजनीतिक समीकरण और दलों के संख्या बल को देखते हुए बीजेपी उम्मीदवार की जीत की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं। ऐसे में कोयल मल्लिक के लिए यह चुनाव राजनीतिक वापसी का बड़ा मौका साबित हो सकता है।
पश्चिम बंगाल राज्यसभा उपचुनाव में बदला सियासी समीकरण
बताते चले कि, कोयल मल्लिक की उम्मीदवारी ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में इसलिए भी हलचल बढ़ा दी है, क्योंकि जिस सीट से वह दोबारा राज्यसभा जाने की तैयारी कर रही हैं, उसी सीट से उन्होंने कुछ महीने पहले इस्तीफा दिया था। बीजेपी में शामिल होने और फिर उसी सीट पर उम्मीदवार बनाए जाने के घटनाक्रम ने पूरे मामले को और दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक जानकार इसे पश्चिम बंगाल की बदलती सियासी परिस्थितियों से जोड़कर देख रहे हैं।
टीएमसी से राज्यसभा सांसद बनने के बाद दिया था इस्तीफा

कोयल मल्लिक को इसी साल अप्रैल 2026 में तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा भेजा था। हालांकि, राज्यसभा सांसद बनने के कुछ ही समय बाद उन्होंने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 16 जुलाई 2026 को उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता के साथ-साथ टीएमसी से भी किनारा कर लिया था। उनके अचानक लिए गए इस फैसले ने उस समय राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए थे। अब बीजेपी में शामिल होने के बाद उनके पुराने फैसले एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
TMC ने कोयल मल्लिक पर लगाए थे अवसरवाद के आरोप
कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और प्रवक्ताओं ने उन पर तीखा हमला बोला था। टीएमसी की ओर से उन्हें अवसरवादी बताते हुए आरोप लगाया गया था कि उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी छोड़कर जनता के जनादेश का अपमान किया है। पार्टी नेताओं ने उनके राजनीतिक रुख पर भी सवाल उठाए थे। हालांकि, अब बीजेपी में शामिल होने और राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनने के बाद कोयल मल्लिक ने अपनी राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है।
BJP में शामिल होकर कोयल मल्लिक की राजनीतिक पारी में नया मोड़
बंगाली सिनेमा में अपनी पहचान बनाने वाली कोयल मल्लिक का राजनीति में प्रवेश पहले ही चर्चा का विषय रहा था। अब बीजेपी में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक पारी एक नए दौर में पहुंच गई है। पार्टी ने उन्हें सीधे राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार बनाकर बड़ा भरोसा जताया है। यदि वह चुनाव जीतती हैं तो कुछ ही महीनों के अंतराल में दोबारा राज्यसभा पहुंचने वाली चर्चित राजनीतिक शख्सियतों में शामिल हो जाएंगी।
उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के लिए BJP ने घोषित किए उम्मीदवार
बीजेपी ने 4 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा चुनाव से जुड़े अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया था। पार्टी ने उत्तराखंड से होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, पश्चिम बंगाल की खाली सीट के लिए रुक्मिणी मल्लिक यानी कोयल मल्लिक को मैदान में उतारा गया है। दोनों राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों के बीच बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों के जरिए राज्यसभा में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति आगे बढ़ाई है।
कब होगा पश्चिम बंगाल राज्यसभा उपचुनाव ?

पश्चिम बंगाल की खाली राज्यसभा सीट के लिए 16 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है। कोयल मल्लिक के बीजेपी उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अब सभी की नजरें चुनावी प्रक्रिया और विधानसभा में होने वाले मतदान पर रहेंगी। मौजूदा संख्या बल को देखते हुए उनकी जीत की संभावना मजबूत बताई जा रही है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो कोयल मल्लिक एक बार फिर राज्यसभा की सदस्य बनेंगी और उनकी राजनीतिक यात्रा टीएमसी से बीजेपी तक एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में दर्ज होगी।










