Kishtwar Cloudburst : किश्तवाड़ में बादल फटने से भीषण बाढ़, क्वार जलविद्युत परियोजना को हुआ भारी नुकसान

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना ने भीषण बाढ़ ला दी है, जिससे क्वार जलविद्युत परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा है। अचानक आई इस आपदा से इलाके में तबाही मच गई है। आखिर कितनी बड़ी क्षति हुई, राहत और बचाव कार्य की क्या स्थिति है, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Kishtwar Cloudburst

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 6, 2026

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Kishtwar Cloudburst : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ और डोडा जिलों में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सोमवार सुबह किश्तवाड़ जिले में स्थित 540 मेगावाट के क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के निकट एक भीषण भूस्खलन की घटना सामने आई। मूसलाधार बारिश के कारण अचानक हुई इस लैंडस्लाइड ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। पावर प्रोजेक्ट के पास खड़ी कई गाड़ियां मलबे की चपेट में आ गई हैं, जिससे उन्हें काफी नुकसान पहुँचा है। मलबे के नीचे दबी गाड़ियों को निकालने और मार्ग को साफ करने के लिए तत्काल प्रभाव से बचाव दल और भारी मशीनरी को तैनात किया गया है। अधिकारियों की देखरेख में युद्धस्तर पर मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है ताकि प्रभावित क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।

डोडा जिले में भी अचानक आई बाढ़, जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

किश्तवाड़ के साथ-साथ डोडा जिला भी भारी वर्षा के प्रकोप से अछूता नहीं रहा है। यहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसने डोडा के कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है। बाढ़ के कारण स्थानीय जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और कई स्थानों पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं और अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग अवरुद्ध: प्रशासन का यात्रियों को विशेष परामर्श

इन जिलों के बीच संपर्क का मुख्य जरिया, डोडा-किश्तवाड़ मार्ग भी आज सुबह से बंद हो गया है। डोडा के प्रेम नगर क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन और सड़कों पर गिरे भारी मलबे व पत्थरों ने यातायात की आवाजाही को पूरी तरह ठप कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण मलबा गिरने का सिलसिला अभी भी जारी है, जिससे सफाई कार्य में बाधा आ रही है। सड़क मार्ग को पुनः सुचारू करने के लिए संबंधित विभागों की मशीनें मौके पर जुटी हुई हैं। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि जब तक मौसम सामान्य न हो और मार्ग को सुरक्षित घोषित न कर दिया जाए, तब तक अनावश्यक यात्रा करने से बचें।

सतर्कता और सावधानी: आपदा प्रबंधन की निरंतर निगरानी

पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने व्यापक अलर्ट जारी किया है। यात्रियों को यात्रा पर निकलने से पहले सड़क की स्थिति और मौसम के ताजा पूर्वानुमान की जानकारी अनिवार्य रूप से लेने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों से कहा है कि वे नदियों और नालों के करीब जाने से बचें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग अतिरिक्त सावधानी बरतें। आपदा प्रबंधन टीमें हर समय मुस्तैद हैं और किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य जान-माल की सुरक्षा और सड़कों को जल्द से जल्द खोलकर यातायात को बहाल करना है, ताकि लोगों को और अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

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