North Korea Missile : किम जोंग उन का बड़ा ऐलान, उत्तर कोरिया ढाई गुना बढ़ाएगा मिसाइलों का उत्पादन

North Korea Nuclear Escalation : उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन ने एक बेहद गुप्त परमाणु ईंधन कारखाने का दौरा कर अपने एटमी हथियारों को रिकॉर्ड रफ्तार से बढ़ाने का गुप्त प्लान एक्टिव कर दिया है, आखिर प्योंगयांग के इस नए न्यूक्लियर प्लांट के सामने आने के बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया पर मंडरा रहा है कैसा बड़ा आसमानी खतरा?

North Korea Missile

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 7, 2026

North Korea Missile : उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने एक बार फिर अपनी आक्रामक सैन्य नीतियों का प्रदर्शन करते हुए वैश्विक मंच पर खुली चुनौती पेश की है। एक तरफ जहां किम जोंग उन देश की सबसे बड़ी मिसाइल निर्माण इकाई का औचक निरीक्षण कर सैन्य तैयारियों का जायजा ले रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी बेहद शक्तिशाली बहन किम यो जोंग ने कड़े शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि उनके देश द्वारा परमाणु हथियारों को नष्ट करने का अब कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। उत्तर कोरिया की इस दोहरी रणनीति ने वैश्विक स्तर पर, विशेषकर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच, एक बार फिर भारी तनाव पैदा कर दिया है।

केसीएनए ने जारी की तस्वीरें

उत्तर कोरिया की आधिकारिक और सरकारी मीडिया एजेंसी ‘केसीएनए’ (KCNA) ने इस गुप्त दौरे की कुछ खास तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। इन तस्वीरों में तानाशाह किम जोंग उन सेना और सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक अत्याधुनिक मिसाइल प्रोडक्शन फैसिलिटी (उत्पादन केंद्र) का बारीकी से मुआयना करते हुए दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में किम जोंग उन कतारबद्ध तरीके से रखी गईं विशालकाय और घातक मिसाइलों के बीच टहलते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, हमेशा की तरह सख्त सुरक्षा कारणों और गोपनीयता को बनाए रखने के लिए इस सैन्य ठिकाने के नाम या उसकी सटीक लोकेशन का कोई खुलासा नहीं किया गया है। सरकारी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, किम जोंग उन का यह दौरा शनिवार, 6 जून को संपन्न हुआ था।

मिसाइल एडमिनिस्ट्रेशन को कड़े निर्देश

इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान किम जोंग उन ने देश की मिसाइल मारक क्षमता और भंडारण को दोगुने से भी अधिक करने का एक बड़ा और कड़ा आदेश जारी किया। मिसाइल एडमिनिस्ट्रेशन (मिसाइल प्रशासन) की दीर्घकालिक रणनीतिक और विकास योजना की विस्तृत रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद उन्होंने वहां मौजूद वैज्ञानिकों और अधिकारियों को नए दिशा-निर्देश दिए। किम ने साफ तौर पर कहा कि देश की मौजूदा पंचवर्षीय रक्षा योजना के तहत सालाना आधार पर मिसाइलों के कुल उत्पादन को तत्काल प्रभाव से 2.5 गुना तक बढ़ाया जाना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस उत्पादन गति से ही उनकी सेना को युद्ध की स्थिति में जरूरत के मुताबिक अत्याधुनिक मिसाइलों की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

हथियारों की खूबियों पर बना हुआ है रहस्य

हालांकि, उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया द्वारा जारी की गईं इन तस्वीरों और दावों की अभी तक किसी भी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी द्वारा स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। केसीएनए की रिपोर्ट में इस बात को भी पूरी तरह से गुप्त रखा गया है कि इन फैक्ट्रियों में वर्तमान में किस श्रेणी की बैलिस्टिक मिसाइलें, अंतरमहाद्वीपीय मिसाइलें (ICBM) या क्रूज मिसाइलें तैयार की जा रही हैं। उत्तर कोरिया पारंपरिक रूप से अपनी सभी सैन्य तैयारियों और रक्षा बजट को पूरी दुनिया से छिपाकर रखता है। इस बार भी रणनीतिक चाल के तहत मिसाइलों की मारक क्षमता, उनकी रेंज और सटीक खूबियों को दुनिया की नजरों से दूर रखा गया है।

उठाया गया बड़ा कूटनीतिक कदम

उत्तर कोरिया की यह आक्रामक सैन्य सक्रियता और मिसाइल उत्पादन बढ़ाने की जिद ऐसे बेहद संवेदनशील समय में देखने को मिल रही है, जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जल्द ही प्योंगयांग के ऐतिहासिक दौरे पर आने वाले हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग का साल 2019 के बाद यह पहला उत्तर कोरियाई दौरा होगा, साथ ही यह इस साल की उनकी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा भी मानी जा रही है। चीनी राष्ट्रपति के इस बेहद अहम और रणनीतिक दौरे से ठीक एक दिन पहले उत्तर कोरिया द्वारा अपनी मिसाइल ताकत की नुमाइश करना और परमाणु हथियारों पर अडिग रुख दिखाना एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कई बड़े कूटनीतिक और राजनीतिक संकेत दे रहा है।

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