Khatu Shyam Ji News: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी और उसके आस-पास के गांवों में शनिवार की सुबह दहशत का माहौल बन गया। सुबह लगभग 6:33 बजे अचानक धरती हिली, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकल गए। यह समय उस वक्त का था जब कई लोग मॉर्निंग वॉक पर थे और महिलाएं अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थीं। झटकों की तीव्रता इतनी स्पष्ट थी कि हर कोई सहम गया।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 3.5 रिक्टर स्केल मापी गई। भूकंप का केंद्र राजधानी जयपुर से लगभग 69 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में और जमीन से मात्र 5 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। कम गहराई के कारण झटकों का अनुभव स्थानीय लोगों को बेहद डरावना लगा।
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प्रभावित क्षेत्र और स्थानीय अनुभव

भूकंप का सबसे अधिक प्रभाव सीकर जिले के दांतारामगढ़ तहसील और खाटूश्यामजी कस्बे में देखा गया। खाटूधाम के आसपास पलसाना, कोछोर, बाय, खोरा, टेहठ, बासड़ी कला, दांता, खाचरियावास, कैलाश और धींगपुर जैसे गांवों में भी झटके महसूस किए गए। लोगों ने बताया कि झटकों की तीव्रता इतनी थी कि घरों की खिड़कियां और दरवाजे तक हिल गए।
बाय गांव के निवासी सुभाष कुमावत ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि कोई बड़ा वाहन पास से गुजरा है, लेकिन जब धरती लगातार हिलती रही, तो समझ आया कि यह भूकंप है। कैलाश गांव के एक दुकानदार ने कहा कि पहले उन्हें चक्कर महसूस हुआ, लेकिन बाद में पता चला कि पूरा इलाका ही हिल रहा था। स्थानीय सीसीटीवी फुटेज ने भी इस झटके की पुष्टि की है।
चार महीने में दूसरी बार भूकंप
खाटू क्षेत्र के निवासियों के लिए यह और चिंता का विषय है क्योंकि पिछले चार महीनों में यह दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। पिछला झटका 15 दिसंबर 2025 को आया था और इसकी तीव्रता भी लगभग समान थी। बार-बार आते इन झटकों ने भूगर्भ वैज्ञानिकों का ध्यान खींचा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अरावली पहाड़ियों के नजदीक भूमिगत हलचलें बढ़ रही हैं, जिससे बार-बार ये झटके महसूस हो रहे हैं।
प्रशासन की सतर्कता और राहत उपाय
खाटूश्यामजी और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया। राहत की बात यह है कि किसी भी इमारत या मंदिर में गंभीर नुकसान नहीं हुआ और किसी की जान को खतरा नहीं था। दांतारामगढ़ और खाटू क्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि झटके हल्के थे और किसी भी संरचना में दरारें नहीं आईं।
श्रद्धालुओं के लिए बाबा श्याम का मंदिर पूरी तरह सुरक्षित है और दर्शन की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के जारी है। प्रशासन ने स्थानीय पटवारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पुरानी और कमजोर इमारतों की जांच करें। इसके बावजूद, शनिवार के दिन खाटूधाम में भक्तों की भारी भीड़ थी और सभी सुरक्षित रहे।









