Kharmas 2026: आज से शुरू हुआ खरमास, अगले 30 दिनों तक भूलकर भी न करें ये 6 काम; वरना भुगतना पड़ेगा नुकसान!

Kharmas 2026 Start and End Date, Sun Transit in Meen Rashi, Auspicious Activities Prohibited in Kharmas,खरमास 2026 कब से कब तक, मीन संक्रांति 2026 का महत्व, मलमास में वर्जित कार्य, सूर्य देव की उपासना और दान

Kharmas 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 15, 2026

Kharmas 2026: भारतीय हिंदू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र में समय की गणना का विशेष महत्व है। कुछ समय ऐसे होते हैं जब ब्रह्मांडीय ऊर्जा और ग्रहों की स्थिति किसी भी नए कार्य को शुरू करने के लिए अनुकूल नहीं होती। ऐसा ही एक समय है ‘खरमास’, जिसे ‘मलमास’ भी कहा जाता है। साल 2026 में खरमास की शुरुआत 15 मार्च से हो गई है, जो अगले एक महीने यानी 14 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इस पूरी अवधि के दौरान हिंदू धर्म में किसी भी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है।

Papmochani Ekadashi 2026: अनजाने में हुए पापों से मुक्ति पाने का दिन, नोट करें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

ज्योतिषीय नजरिए से क्या होता है खरमास?

Kharmas 2026
आज से शुरू हुआ खरमास

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, खरमास का सीधा संबंध सूर्य देव की चाल से है। जब सूर्य देव भ्रमण करते हुए अपने गुरु यानी देवगुरु बृहस्पति की राशियों (धनु या मीन) में प्रवेश करते हैं, तो उस समय को खरमास कहा जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब सूर्य अपने गुरु की राशि में होते हैं, तो वे अपनी चमक और प्रभाव को गुरु की सेवा में समर्पित कर देते हैं, जिससे उनका प्रभाव ‘मलिन’ या धीमा हो जाता है। यही कारण है कि इस दौरान किए गए शुभ कार्यों को ग्रहों का पूर्ण आशीर्वाद नहीं मिल पाता और उनके सफल होने की संभावना कम मानी जाती है।

क्यों वर्जित हैं मांगलिक कार्य?

खरमास के दौरान मांगलिक कार्यों को न करने के पीछे गहरा आध्यात्मिक और वैज्ञानिक तर्क है। शास्त्रों का मानना है कि इस अवधि में सूर्य की गति मंद हो जाती है, जिससे शुभ फल देने वाली ऊर्जा में कमी आती है। हिंदू धर्म में किसी भी बड़े कार्य जैसे विवाह या गृह प्रवेश के लिए ‘सूर्य बल’ का होना अनिवार्य है। चूंकि इस समय सूर्य देव ‘गुरु’ की सेवा में होने के कारण स्वयं को शांत रखते हैं, इसलिए शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त नहीं बन पाते।

खरमास में इन 6 कार्यों से रहें दूर

अगर आप आने वाले दिनों में किसी बड़े काम की योजना बना रहे हैं, तो 14 अप्रैल तक रुकना ही बेहतर है। इस दौरान निम्नलिखित कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है:

विवाह और सगाई: इस अवधि में विवाह संस्कार को पूरी तरह वर्जित माना गया है क्योंकि इससे दांपत्य जीवन में कलह की संभावना रहती है।

गृह प्रवेश: नए घर में प्रवेश या शिफ्टिंग के लिए यह समय अशुभ माना जाता है।

भवन निर्माण: नए मकान की नींव रखना या निर्माण कार्य शुरू करना फलदायी नहीं होता।

नया व्यापार: नई दुकान खोलना या किसी बड़े निवेश के साथ नया व्यवसाय शुरू करना खरमास में टाल देना चाहिए।

मुंडन और नामकरण: बच्चों के मुंडन, उपनयन संस्कार या नामकरण जैसे महत्वपूर्ण संस्कार भी इस दौरान नहीं किए जाते।

महत्वपूर्ण खरीदारी: जमीन, मकान या नई गाड़ी की खरीदारी से भी इस दौरान परहेज करना चाहिए।

खरमास में क्या करना है शुभ?

Kharmas 2026
आज से शुरू हुआ खरमास

भले ही यह समय सांसारिक मांगलिक कार्यों के लिए ठीक न हो, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टिकोण से यह महीना ‘स्वर्ण काल’ माना जाता है। यह समय भक्ति, साधना और ध्यान के लिए सबसे उत्तम है।

दान-पुण्य: इस महीने में गरीब और जरूरतमंदों को अनाज, वस्त्र और धन का दान करने से कई गुना अधिक पुण्य प्राप्त होता है।

मंत्र जप: सूर्य देव और भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करने से मानसिक शांति और शक्ति मिलती है।

Aaj Ka Rashifal: किन राशियों के लिए लाभदायक दिन और किन्हें संभलकर रहने की जरूरत, पढ़ें दैनिक राशिफल

Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।