Kharge Attack: उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में बीजेपी और आरएसएस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए। खरगे ने दावा किया कि देश की आजादी की लड़ाई में कांग्रेस का महत्वपूर्ण योगदान रहा और आज भी उनकी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों तथा संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।
Kharge Attack: स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को लेकर उठाए सवाल
खरगे ने अपने भाषण में कहा कि बीजेपी और आरएसएस के पास स्वतंत्रता संग्राम में योगदान का ऐसा इतिहास नहीं है, जिसे कांग्रेस के संघर्ष के समान बताया जा सके। उन्होंने सवाल किया कि आजादी के आंदोलन के दौरान आरएसएस या बीजेपी से जुड़े कितने नेता जेल गए थे। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता आंदोलन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जेल यात्राएं कीं और देश की आजादी के लिए संघर्ष किया, जबकि बीजेपी और आरएसएस की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं।
Kharge Attack: कांग्रेस किसी दबाव के आगे नहीं झुकेगी
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी तरह की धमकी या राजनीतिक दबाव से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत याद दिलाते हुए कहा कि पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लगातार अपनी आवाज उठाती रहेगी। खरगे के मुताबिक, देशभक्ति का दावा करने से ज्यादा जरूरी देश के लिए वास्तविक संघर्ष और जनता के अधिकारों की रक्षा करना है।
राहुल गांधी के प्रयासों की खरगे ने की तारीफ
जनसभा में खरगे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के राजनीतिक प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के मुद्दे को लेकर कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा की। खरगे के मुताबिक, राहुल गांधी लगातार युवाओं, किसानों, छात्रों और गरीबों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं तथा लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करते हैं।
बीजेपी नेताओं को लेकर खरगे ने किया सवाल
खरगे ने अपने संबोधन में बीजेपी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या सत्तारूढ़ दल का कोई नेता उसी तरह आम लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति जनता के बीच रहने और उनके मुद्दों को उठाने पर केंद्रित है। उन्होंने राहुल गांधी की यात्राओं और जनसंपर्क अभियानों को इसी राजनीतिक सोच का हिस्सा बताया।
भारत छोड़ो आंदोलन को किया याद
मल्लिकार्जुन खरगे ने 8 अगस्त 1942 की ऐतिहासिक घटना का उल्लेख करते हुए महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुए भारत छोड़ो आंदोलन को भी याद किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी के ‘करो या मरो’ के आह्वान ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी और बड़ी संख्या में भारतीय अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष में शामिल हुए। खरगे ने इस आंदोलन को देश के स्वतंत्रता संघर्ष के महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक बताया।
उत्तराखंड के वीरों को भी किया नमन
अपने भाषण के दौरान खरगे ने उत्तराखंड की ऐतिहासिक और सैन्य विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने देवभूमि के लोगों के देश के प्रति योगदान की सराहना की। खास तौर पर कुमाऊं और गढ़वाल रेजीमेंट के जवानों के पराक्रम को याद करते हुए उन्होंने सैनिकों के बलिदान और साहस को नमन किया। उन्होंने प्रथम परमवीर चक्र विजेता के योगदान का भी उल्लेख करते हुए उत्तराखंड की वीर परंपरा को सलाम किया।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का दावा
खरगे ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए सक्रिय रहने की अपील की। हल्द्वानी की जनसभा में दिए गए उनके भाषण में स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत, संविधान, राहुल गांधी की राजनीति और बीजेपी-आरएसएस पर राजनीतिक हमले प्रमुख मुद्दे रहे।
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