Khamenei Headquarters: खामेनेई का हेडक्वार्टर कैसे बना खंडहर? इजरायली मिसाइलों ने मलबे में मिलाया ‘पावर सेंटर’, देखें तबाही का VIDEO

तेहरान के 'हार्ट' में स्थित आयतुल्लाह खामेनेई का मुख्यालय अब सिर्फ ईंट-पत्थरों का ढेर रह गया है। इजरायली और अमेरिकी विमानों ने सटीक गाइडेड मिसाइलों से इस परिसर को निशाना बनाया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आसमान छूती आग की लपटें और मलबे में दबे शीर्ष अधिकारियों की तबाही साफ देखी जा सकती है।

Khamenei Headquarters

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 1, 2026

Khamenei Headquarters: तेहरान में अमेरिका और इज़रायल की कथित संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि राजधानी में स्थित उनका उच्च सुरक्षा वाला मुख्यालय पूरी तरह मलबे में बदल गया। Israel Defense Forces ने इस हमले का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें इमारत को भारी बमबारी के बाद ध्वस्त होते देखा जा सकता है। हमले के बाद पूरे शहर में दहशत और अफरातफरी का माहौल है।

खुफिया इनपुट के बाद 30 बमों से निशाना

सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को एक साथ तीन वरिष्ठ नेताओं की बैठकों की जानकारी मिली थी। बताया गया कि खामेनेई और दो अन्य उच्च पदस्थ अधिकारी अलग-अलग स्थानों पर एक ही समय में बैठक कर रहे थे। इसी इनपुट के आधार पर इजरायल ने खामेनेई के कंपाउंड को प्राथमिक लक्ष्य बनाया और वहां करीब 30 बम गिराए गए। हमला इतना सटीक और तीव्र था कि कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर ध्वस्त हो गया। इस कार्रवाई को अत्यंत योजनाबद्ध और समन्वित बताया जा रहा है।

40 दिन का सार्वजनिक शोक, 7 दिन का अवकाश घोषित

खामेनेई की मौत के बाद ईरान सरकार ने 40 दिनों के सार्वजनिक शोक और 7 दिनों के राष्ट्रीय अवकाश की घोषणा की है। सरकारी इमारतों पर झंडे झुका दिए गए हैं और धार्मिक स्थलों पर विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की जा रही हैं। देशभर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जबकि राजधानी में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। इस बीच यह सवाल भी तेज हो गया है कि अब ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कौन होगा।

नए सुप्रीम लीडर की दौड़ में कई नाम

उत्तराधिकार को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। संभावित दावेदारों में मोजतबा खामेनेई, हुज्जत-उल-इस्लाम मोहसेन कोमी, अयातुल्ला मोहसेन अराकी, आयतुल्लाह अलीरेजा अराफी, आयतुल्लाह हाशेम हुसैनी बुशेहरी और अयातुल्ला गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई शामिल बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नए नेतृत्व का चयन ईरान की आंतरिक राजनीति और क्षेत्रीय रणनीति पर गहरा असर डालेगा। सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को संवेदनशील और निर्णायक माना जा रहा है।

ट्रंप का तीखा बयान

घटना के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी सामने आया। उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत न केवल ईरान के लोगों बल्कि दुनिया के कई देशों के लिए न्याय है। ट्रंप ने अपने वक्तव्य में खामेनेई को इतिहास के सबसे क्रूर नेताओं में से एक बताया और इसे बड़ी रणनीतिक सफलता करार दिया। उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय बहस को और तेज कर दिया है।

नेतन्याहू का आह्वान और सख्त रुख

वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि आने वाले दिनों में “आतंकवादी शासन” के हजारों ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने ईरान की जनता से अपील की कि वे इस अवसर को हाथ से न जाने दें और अपने भविष्य के लिए एकजुट हों। नेतन्याहू ने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है, जब लोग अत्याचार के खिलाफ खड़े होकर बदलाव ला सकते हैं।इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में अस्थिरता को और बढ़ा दिया है। वैश्विक समुदाय की नजरें अब ईरान की राजनीतिक दिशा और संभावित क्षेत्रीय प्रभावों पर टिकी हुई हैं।