UP Politics: PDA घोषणा पत्र पर केशव मौर्य का हमला, अखिलेश यादव को क्यों सुनाया ‘हज’ वाला तंज?

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा के PDA घोषणा पत्र और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। फतेहपुर में उन्होंने दलितों और पिछड़ों के मुद्दे पर सपा को घेरा और SIR पर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए। मौर्य ने यूपी में 300 से ज्यादा सीटें जीतकर बीजेपी की सरकार बनने का दावा भी किया।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 20, 2026

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UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के PDA घोषणा पत्र और SIR को लेकर दिए गए बयानों पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी पर भी हमला बोला और यूपी में तीसरी बार बीजेपी सरकार बनने का दावा किया।

PDA घोषणा पत्र पर केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा हमला

बताते चले कि, उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है। इसी बीच डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के PDA घोषणा पत्र को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। फतेहपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सपा के नेता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अनुयायी और दलितों-पिछड़ों के हितैषी नहीं हो सकते।

PDA घोषणा पत्र पर केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा हमला

केशव मौर्य ने तंज कसते हुए कहा, “सौ-सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।” उनके इस बयान को सपा के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण पर सीधे हमले के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी लगातार सपा की राजनीति और उसके सामाजिक समीकरणों पर सवाल उठाती रही है।

अखिलेश यादव के SIR बयान पर भी घेरा

आपको बता दे कि, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर अखिलेश यादव के बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी फर्जी वोट जुड़वाने का काम नहीं करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि माफिया और गुंडों को जनता ने वोट देना बंद कर दिया है, इसलिए विपक्षी नेता परेशान हैं।

SIR को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच पहले से ही राजनीतिक खींचतान चल रही है। विपक्ष मतदाता सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, जबकि बीजेपी नेताओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष बेवजह आरोप लगा रहा है।

राहुल गांधी और दिल्ली के प्रदर्शन पर केशव मौर्य का निशाना

राहुल गांधी और दिल्ली के प्रदर्शन पर केशव मौर्य का निशाना

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन पर भी केशव प्रसाद मौर्य ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतें विपक्ष को समर्थन दे रही हैं। अपने बयान में उन्होंने CJP और राहुल गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री बनने का सपना छोड़ देना चाहिए, क्योंकि देश की जनता उन्हें नकार चुकी है। हालांकि, विदेशी ताकतों के समर्थन को लेकर लगाए गए ये आरोप केशव मौर्य के राजनीतिक दावे हैं।

अंबेडकर और दलितों के मुद्दे पर अखिलेश यादव को घेरा

केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर दलित हितों की राजनीति करने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कन्नौज में बाबा साहेब अंबेडकर से जुड़े बोर्ड को हटाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अखिलेश यादव को दलितों का हितैषी बनने की बात नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी विपक्ष को सड़क से लेकर संसद तक जवाब देगी। साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश में 300 से ज्यादा सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनने का भरोसा जताया।

MLC चुनाव की सभी 11 सीटें जीतने का दावा

MLC चुनाव की सभी 11 सीटें जीतने का दावा

डिप्टी सीएम ने विधान परिषद यानी MLC चुनाव को लेकर भी बीजेपी की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी सभी 11 सीटें जीतेगी। उनके इस बयान को चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और पार्टी की मजबूती दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

नवंबर में सपा का PDA घोषणा पत्र

समाजवादी पार्टी की ओर से नवंबर में संविधान दिवस के मौके पर PDA घोषणा पत्र जारी करने की बात कही जा रही है। ऐसे में घोषणा पत्र आने से पहले ही बीजेपी ने सपा की नीतियों और दलित-पिछड़े वर्गों को लेकर उसके दावों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले PDA, अंबेडकर, मतदाता सूची और सामाजिक समीकरण जैसे मुद्दे यूपी की राजनीति में अहम होते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में सपा के घोषणा पत्र और बीजेपी की प्रतिक्रिया से दोनों दलों के बीच सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है।