Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में हुए चर्चित और भीषण पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस सनसनीखेज कांड के मुख्य वांछित और 50,000 रुपये के इनामी आरोपी शकील को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शकील अवैध पटाखा फैक्ट्री के मुख्य मालिक नौशाद अली का भाई है, जो चिल्ला शहबाजी गांव में स्थित इस अवैध कारखाने का पूरा कामकाज संभालता था।
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चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ और गिरफ्तारी
डीएसपी मंझनपुर सौरभ सामंत ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि सदर कोतवाल विनीत सिंह और एसओजी प्रभारी सुनील संयुक्त रूप से मंझनपुर के हंजापुर रोड (दीवार कोतारी) के पास वाहन चेकिंग कर रहे थे। उसी दौरान संदिग्ध अवस्था में एक बाइक पर सवार होकर शकील वहां से गुजर रहा था। जब पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो वह भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर उसने सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली उसके बाएं पैर में जा लगी और वह बाइक समेत नीचे गिर गया।
गिरफ्तारी के बाद गिड़गिड़ाया आरोपी, जोड़े हाथ
पुलिस की गिरफ्त में आते ही आरोपी शकील पूरी तरह टूट गया और फफक-फफक कर रोने लगा। उसने हाथ जोड़कर पुलिस और वहां मौजूद लोगों से माफी मांगनी शुरू कर दी। उसने गिड़गिड़ाते हुए कहा कि उसका घर ढह चुका है, उसके बच्चे बेघर हो चुके हैं और उसे अपने किए पर गहरा पछतावा है। उसने उन सभी परिवारों से भी हाथ जोड़कर माफी मांगी, जिन्होंने इस दर्दनाक धमाके में अपने प्रियजनों को खोया है। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध तमंचा, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
चिल्ला शहबाजी गांव के कारखाने में हुआ था महाविनाश
एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान महमूदपुर मनौरी निवासी शकील के रूप में दी है। यह वही शख्स है जो चिल्ला शहबाजी गांव स्थित उस अवैध पटाखा फैक्ट्री का संचालन कर रहा था, जिसमें हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया था। इस दर्दनाक हादसे में मासूम बच्चों समेत कुल 14 बेकसूर लोगों की मौत हो गई थी। कई परिवारों ने इस एक हादसे में अपने पूरे घर के चिराग बुझते देखे, तो कईयों के मकान मलबे में तब्दील हो गए।
पहले भी गिरफ्तार हो चुका है मुख्य सरगना नौशाद
गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस इससे पहले फैक्ट्री के मुख्य मालिक और शकील के भाई नौशाद अली तथा उसके बेटे को भी गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी नौशाद को भी पुलिस ने एक अन्य मुठभेड़ के दौरान उस समय दबोचा था जब वह शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से साफ है कि अवैध पटाखों का कारोबार करने वाले इस नेटवर्क के सभी मुख्य दोषियों को कानून के शिकंजे में कस लिया गया है और मामले की गहनता से आगे की कानूनी जांच जारी है।
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