Kaushambi Blast: कौशांबी पटाखा गोदाम विस्फोट में 11 मौतों से मचा हड़कंप, आदिल समेत 6 पर केस; अवैध गोदामों पर बुलडोजर की तैयारी

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा गोदाम में हुए भीषण विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हैं। आदिल समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन ने आरोपी से जुड़े अन्य गोदामों और कारखानों की जांच शुरू कर दी है। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है।

Kaushambi Blast

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 31, 2026

Kaushambi Blast: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के मोहम्मदपुर गांव में पटाखा गोदाम में हुए भीषण विस्फोट से पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। कई लोग घायल हुए हैं, जिनका प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल समेत अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।

पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में कई बच्चों की भी मौत

मनौरी बाजार के मोहम्मदपुर गांव में पटाखे बनाने और उनका स्टॉक रखने के दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना भयावह था कि आसपास के इलाकों तक इसकी आवाज पहुंची और कई घर इसकी चपेट में आ गए। एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों में बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

कौशांबी ब्लास्ट में कई मकान हुए जमींदोज

पटाखा गोदाम में हुए विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसपास के आधा दर्जन से ज्यादा मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि कई घरों में रखा सामान भी मलबे में तब्दील हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है।

NDRF और राहत टीमों ने संभाला मोर्चा

विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान चलाया गया। NDRF की टीमों ने भी बचाव अभियान में हिस्सा लिया। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना और घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना रही।

आदिल समेत 6 लोगों पर नामजद मुकदमा

कौशांबी पुलिस ने पटाखा गोदाम के मालिक आदिल समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पटाखों का निर्माण और भंडारण किन नियमों के तहत किया जा रहा था। जांच में लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और विस्फोटक सामग्री के स्टॉक से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है।

आदिल के कई पटाखा गोदाम और कारखाने जांच के घेरे में

बताया जा रहा है कि आरोपी आदिल के मनौरी बाजार क्षेत्र में कई कारखाने और गोदाम संचालित थे। एक स्थान पर पटाखे बनाए जाते थे, जबकि दूसरे स्थानों पर तैयार पटाखों को स्टॉक करके रखा जाता था। दिवाली नजदीक होने के कारण बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, विस्फोट की वास्तविक वजह अभी जांच का विषय है।

कौशांबी में अन्य पटाखा गोदामों पर भी प्रशासन की नजर

हादसे के बाद जिला प्रशासन ने आदिल से जुड़े अन्य गोदामों और कारखानों की भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की टीमें अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था और लाइसेंस की जांच कर रही हैं। कुछ स्थानों पर बाहर से ताला लगा मिला, जबकि अंदर पटाखा बनाने की सामग्री और बारूद रखे होने की जानकारी सामने आई है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अवैध निर्माण पर बुलडोजर एक्शन की तैयारी

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान अगर किसी गोदाम या कारखाने में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माण पाए जाने पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आबादी वाले इलाकों में बिना जरूरी सुरक्षा इंतजामों के पटाखों का निर्माण या भंडारण न हो।

कौशांबी पटाखा हादसे में एक परिवार के 4 लोगों की मौत

इस हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की जानकारी भी सामने आई है। बताया गया कि बैंक ऑफ बड़ौदा में काम करने वाला एक कर्मचारी अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहता था। विस्फोट की चपेट में आने से पति-पत्नी और उनके दो बच्चों की जान चली गई। चारों शवों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

साहू परिवार के 5 सदस्यों ने भी गंवाई जान

हादसे में साहू परिवार के पांच सदस्यों की मौत की जानकारी सामने आई है। मृतकों में गया प्रसाद, उनकी पत्नी अनीता और उनके बच्चे जाह्नवी, आदित्य और रवि शामिल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस मृतकों की पहचान और परिजनों को शव सौंपने की प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है।

SRN अस्पताल में घायलों का इलाज, दो ICU में

विस्फोट में घायल लोगों को प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल समेत कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य घायलों का हाल जानने SRN अस्पताल पहुंचे और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार वर्मा के मुताबिक, कुछ घायलों की हालत गंभीर है और दो मरीजों को ICU में वेंटिलेटर पर रखा गया है। एक महिला करीब 50 फीसदी झुलसी है, जिसका बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है।

कौशांबी पटाखा विस्फोट के पीड़ितों को आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों का समुचित इलाज कराने और राहत-बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

पटाखा गोदाम हादसे के दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उन्होंने कौशांबी के जिलाधिकारी से फोन पर बात कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे के लिए जो भी लोग जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन विस्फोट की वजह के साथ-साथ पटाखों के निर्माण, भंडारण, लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच कर रहे हैं।

कौशांबी ब्लास्ट के बाद अवैध पटाखा कारोबार पर शिकंजा

11 मौतों के बाद प्रशासन की जांच अब सिर्फ घटनास्थल तक सीमित नहीं है। आरोपी आदिल से जुड़े अन्य गोदामों और कारखानों को भी जांच के दायरे में लाया गया है। आने वाले दिनों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कई ठिकानों पर कार्रवाई संभव है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में पटाखों और बारूद का भंडारण किन परिस्थितियों में किया जा रहा था और सुरक्षा नियमों की निगरानी में कहां चूक हुई।