UP Politics: कौशल किशोर की ‘गेंद’ वाली पोस्ट से हलचल, BJP छोड़ने की अटकलों पर क्या बोले?

पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर की ‘गेंद’ वाली सोशल मीडिया पोस्ट ने यूपी की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। पोस्ट को लेकर BJP से दूरी की अटकलें तेज हुईं, लेकिन कौशल किशोर ने दल बदलने से इनकार किया। अब 13 सितंबर को होने वाले आत्मसम्मान समारोह पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 2, 2026

UP Politics: पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और बीजेपी नेता कौशल किशोर एक बार फिर अपने बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। लंबे समय से जमीनी राजनीति में सक्रिय कौशल किशोर हाल के दिनों में कई ऐसे बयान दे चुके हैं, जिनसे उनके राजनीतिक रुख को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वह खुद को बीजेपी का कर्मठ कार्यकर्ता बताते हैं और पार्टी छोड़ने की किसी संभावना से इनकार करते हैं।

कौशल किशोर ने लोकसभा चुनाव में ‘भितरघात’ का लगाया था आरोप

बताते चले कि, कौशल किशोर का कहना है कि पिछले लोकसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी के ही कुछ लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया था कि उनके खिलाफ भीतरघात हुआ और सपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डालने का माहौल बनाया गया।

BJP नेता का दावा, सीतापुर सिधौली में भी मिली हार

कौशल किशोर के मुताबिक, लोकसभा चुनाव में सीतापुर की सिधौली विधानसभा सीट पर उन्हें करीब साढ़े 55 हजार वोट कम मिले। उन्होंने इसे भितरघात से जोड़ते हुए कहा कि इस संबंध में उन्होंने पार्टी नेतृत्व से शिकायत भी की थी। उनका दावा है कि शिकायत में संबंधित लोगों के नाम तक बताए गए, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों पर संगठन के खिलाफ काम करने का आरोप था, उन्हें कार्रवाई के बजाय महत्वपूर्ण पदों से सम्मानित किया गया।

कौशल किशोर की ‘गेंद’ वाली पोस्ट से बढ़ी सियासी चर्चा

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, मंगलवार को कौशल किशोर की सोशल मीडिया पोस्ट ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी। उन्होंने लिखा कि एक मित्र से बातचीत के दौरान उनसे कहा गया कि गेंद जितनी ऊपर जानी थी, जा चुकी है और अब नीचे आ रही है। उन्होंने आगे लिखा कि नीचे आने की रफ्तार भी बढ़ती जा रही है और गेंद के गिरने की गति को कम नहीं किया जा सकता।

BJP Politics पर पोस्ट को लेकर कौशल किशोर ने दी सफाई

पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे बीजेपी की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखा। वहीं कुछ यूजर्स ने टिप्पणी करते हुए कहा कि गेंद हल्की थी, इसलिए वह जल्दी नीचे आ गई। हालांकि, कौशल किशोर ने इस पोस्ट को बीजेपी से जोड़ने से इनकार किया। उनका कहना है कि उन्होंने बीजेपी के खिलाफ कभी एक शब्द नहीं बोला। उन्होंने कहा कि उनका इशारा उन लोगों और संगठनों की ओर था जो उसूलों पर नहीं चलते। उनके मुताबिक, चाहे कोई व्यक्ति हो या संगठन, सिद्धांतों से समझौता करने पर उसका पतन तय है।

कौशल किशोर ने दल बदलने की अटकलों पर क्या कहा?

कौशल किशोर से जब उनके किसी दूसरे दल में जाने की संभावनाओं को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ किया कि बीजेपी से उनका जुड़ाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी जयदेवी बीजेपी की विधायक हैं और वह खुद भी पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता हैं। कौशल किशोर ने कहा कि पार्टी की ओर से जिस कार्यक्रम में उन्हें बुलाया जाता है, वह वहां जाते हैं और जहां आमंत्रित नहीं किया जाता, वहां नहीं जाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी से उनका जुड़ाव कायम है।

हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कौशल किशोर कभी सीधे तो कभी इशारों में बीजेपी के कुछ नेताओं पर निशाना साधते रहे हैं। ऐसे में उनके हालिया बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सियासी अटकलें तेज होना स्वाभाविक है।

कौशल किशोर का राजनीतिक सफर भी रहा है अलग

कौशल किशोर ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कम्युनिस्ट विचारधारा से की थी। बाद में उन्होंने राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी बनाई। वर्ष 2002 में उन्होंने मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और विधायक बने। इसके बाद 2002-03 में मुलायम सिंह यादव सरकार में उन्हें श्रम राज्यमंत्री बनाया गया। हालांकि, उन्होंने कुछ समय बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वर्ष 2014 में कौशल किशोर बीजेपी में शामिल हुए।

BJP में शामिल होने के बाद दो बार बने सांसद

बीजेपी के टिकट पर उन्होंने मोहनलालगंज सुरक्षित लोकसभा सीट से 2014 और 2019 में जीत दर्ज की। इसके बाद 7 जुलाई 2021 से 11 जून 2024 तक वह केंद्र सरकार में आवास एवं शहरी मामलों के राज्यमंत्री रहे। वर्तमान में उनकी पत्नी जयदेवी मलिहाबाद सुरक्षित विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में अपनी हार के बाद कौशल किशोर की राजनीतिक सक्रियता और बयानों पर लगातार नजर बनी हुई है।

13 सितंबर को कौशल किशोर दिखाएंगे अपनी ताकत

अब सबकी नजर 13 सितंबर को होने वाले आत्मसम्मान समारोह पर है। यह कार्यक्रम प्रेरणा स्थल पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें कौशल किशोर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।

आत्मसम्मान समारोह में जुटेंगे सभी वर्गों के लोग

कौशल किशोर के मुताबिक यह कार्यक्रम गैरराजनीतिक होगा और इसमें आम लोगों को शामिल किया जाएगा। उनका कहना है कि आजादी के लंबे समय बाद भी जिन लोगों को न्याय नहीं मिला है, उनकी आवाज को मंच देने की कोशिश की जाएगी। कार्यक्रम में सभी वर्गों के लोगों को आमंत्रित किए जाने की बात कही गई है। अब देखना होगा कि 13 सितंबर का यह आयोजन कौशल किशोर के राजनीतिक भविष्य को लेकर क्या नया संकेत देता है।