Kashi Manikarnika Ghat : मणिकर्णिका घाट में होगा भव्य पुनर्विकास, बनेगा आधुनिक मोक्ष स्थल

बनारस, जिसे कभी विकास के मामले में पिछड़ा माना जाता था, अब तेजी से बदल रहा है। आज काशी केवल धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां आधुनिक सुविधाओं और परंपराओं का संतुलित संगम दिखाई देता है।

Kashi Manikarnika Ghat

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जनवरी 18, 2026

Kashi Manikarnika Ghat : एक समय विकास के मामले में पिछड़ा माना जाने वाला बनारस आज तेजी से आधुनिकता और परंपरा का संगम प्रस्तुत कर रहा है। काशी अब केवल धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में नहीं बल्कि आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों का सुंदर मेल पेश करने वाला शहर बन चुका है। इसी क्रम में काशी के सबसे पवित्र और ऐतिहासिक श्मशान घाट मणिकर्णिका घाट को नया स्वरूप देने की योजना बनाई गई है।

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मणिकर्णिका घाट का धार्मिक महत्व

Kashi Manikarnika Ghat
मणिकर्णिका घाट में होगा भव्य पुनर्विकास

मणिकर्णिका घाट को महाश्मशान के रूप में जाना जाता है, जहां प्रतिदिन सौ से अधिक शवों का अंतिम संस्कार होता है। यहां आस्था का ऐसा केन्द्र है, जिसे पूरे देश से श्रद्धालु अंतिम संस्कार के लिए चुनते हैं। मान्यता है कि यहां अंतिम संस्कार से आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है। वर्तमान में परिजनों को तंग गलियों, अव्यवस्थित मार्गों और बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता है। इस पुनर्विकास परियोजना के पूरा होने के बाद इन कठिनाइयों में कमी आने की उम्मीद है।

पुनर्विकास योजना और आधुनिक सुविधाएं

नई योजना के तहत मणिकर्णिका घाट के परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसमें शामिल हैं—

नए भवन और प्रवेश द्वार

बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था और दर्शन के लिए व्यू गैलरी

आधुनिक शौचालय और प्रतीक्षालय

अंतिम संस्कार के लिए 38 नए प्लेटफॉर्म

लकड़ी लाने के लिए रैंप और बेहतर संपर्क मार्ग

पंजीकरण कार्यालय और आगंतुक भवन

पेयजल और बाढ़ नियंत्रण के उपाय

इससे न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि संवेदनशील स्थल की गरिमा भी बनी रहेगी।

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजना

मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल किया गया है। परियोजना का उद्देश्य घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना है। विशेष रूप से बाढ़ या भारी बारिश के समय होने वाली असुविधाओं को दूर करने के लिए आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।

परंपरा और संस्कृति का संरक्षण

Kashi Manikarnika Ghat
मणिकर्णिका घाट में होगा भव्य पुनर्विकास

पूर्व मंत्री नीलकंठ तिवारी ने बताया कि विकास कार्य के दौरान घाट से जुड़े प्राचीन मंदिरों, मूर्तियों और सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा और संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। आधुनिक सुविधाओं का निर्माण ऐसा होगा कि धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक गरिमा बनी रहे, साथ ही श्रद्धालु बिना किसी व्यवधान के दर्शन कर सकें।

स्थानीय इतिहास के अनुसार, मणिकर्णिका घाट का निर्माण 18वीं शताब्दी में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने कराया था। वर्षों तक घाट में किसी बड़े सुधार कार्य की कमी रही, जबकि श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही। अब दशकों बाद इस ऐतिहासिक मोक्ष स्थल के पुनर्विकास से न केवल व्यवस्थाएं सुधरेंगी, बल्कि घाट की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा भी और अधिक निखरेगी।

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