सड़कों पर उतरी करणी सेना, UGC नीति के विरोध में 1 फरवरी को देशव्यापी बंद

इंदौर विश्विद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के द्वारा नई नीति के विरोध में करणी सेना आ गई है। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के स्थित देवी अहिल्या बाई विश्विद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और साथ कुलपति को ज्ञापन भी सौंपा। परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ किया देवी आहिल्या बाई विश्वविद्यालय के आरएनटी मार्ग स्थित परिसर में करणी सेना के कार्याकर्ताओं द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान करणी सेना अध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार को हनुमान जी सरकार सद्बुद्धि दें। हम लोग शिक्षा में समानता के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। 1

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Published On :

जनवरी 28, 2026

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इंदौर
विश्विद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के द्वारा नई नीति के विरोध में करणी सेना आ गई है। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के स्थित देवी अहिल्या बाई विश्विद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और साथ कुलपति को ज्ञापन भी सौंपा।

परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ किया
देवी आहिल्या बाई विश्वविद्यालय के आरएनटी मार्ग स्थित परिसर में करणी सेना के कार्याकर्ताओं द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान करणी सेना अध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार को हनुमान जी सरकार सद्बुद्धि दें। हम लोग शिक्षा में समानता के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।

1 फरवरी को भारत बंद का ऐलान
अनुराग सिंह ने बताया कि यूजीसी के प्रस्ताव के खिलाफ हम एक फरवरी को भारत बंद करेंगे। इसके बाद दो फरवरी को मध्यप्रदेश के सभी सांसदों को ज्ञापन सौंपकर, उनसे पूछेंगे कि वह यूजीसी के इस प्रस्ताव का विरोध करते हैं या समर्थन करते हैं। अगर वह विरोध करते हैं तो उनके लिखित में आश्वासन लेंगे कि वह केंद्र सरकार के सामने हमारी बात को रखें। वहीं, यूजीसी के प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सांसदों को चूड़ियां भेंट की जाएंगी और उनकी अर्थी भी निकालेंगे। सभी जगह समर्थन करने वाले सांसदों का विरोध किया जाएगा।

दरअसल, यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के द्वारा 13 जनवरी को ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस’ नाम से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था। जिसमें 15 जनवरी से देशभर की यूनिवर्सिटीज-कॉलेज में लागू कर दिया गया है। इसको लेकर सरकार ने दावा किया है कि इससे कॉलेजों में जाति, धर्म, लिंग, नस्ल, जन्मस्थान, विकलांगता के आधार पर होने वाला भेदभाव पूरी तरह खत्म हो जाएगा। साथ ही नए नियम के अनुसार, हर यूनिवर्सिटी-कॉलेज को ईओसी बनाना जरूरी होगा।

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