Kanshi Ram Jayanti: राहुल गांधी ने मान्यवर कांशीराम को दी श्रद्धांजलि, भाजपा पर साधा तीखा निशाना

राहुल गांधी ने बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचितों के लिए कांशीराम का संघर्ष आज भी प्रेरणा है। राहुल ने आगाह किया कि आज संविधान खतरे में है और केवल बहुजन समाज की एकजुटता और सत्ता में भागीदारी ही न्याय सुनिश्चित कर सकती है।

Kanshi Ram Jayanti

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 15, 2026

Advertisements
728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

Kanshi Ram Jayanti: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक मान्यवर कांशीराम को उनकी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कांशीराम के जीवन संघर्ष को याद करते हुए सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

सामाजिक परिवर्तन के अग्रदूत को श्रद्धांजलि

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए अपने संदेश में कांशीराम जी को ‘बहुजन नायक’ बताते हुए कहा कि गरीबों, दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए उनका अथक संघर्ष आज भी समाज के लिए एक महान प्रेरणा है। उन्होंने रेखांकित किया कि कांशीराम का पूरा जीवन शोषित वर्गों को मुख्यधारा में लाने और उन्हें उनके मौलिक अधिकार दिलाने के प्रति समर्पित रहा।

संविधान पर मंडराता खतरा और वंचित वर्गों की सुरक्षा का आह्वान

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में इस बात पर विशेष जोर दिया कि कांशीराम जी का अटूट विश्वास था कि ‘संविधान’ ही दलितों, पिछड़ों और वंचितों की असली ताकत है। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि आज वही संविधान खतरे में है। राहुल ने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जो लोग संविधान की शपथ लेकर सत्ता में आए, वे ही इसे भीतर से कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।

सत्ता में भागीदारी को बताया न्याय का आधार

कांशीराम की विरासत का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि जब तक सत्ता और शासन में वंचितों की उचित भागीदारी सुनिश्चित नहीं होती, तब तक पूर्ण न्याय संभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से बहुजन समाज के सम्मान और उनकी हिस्सेदारी के पक्ष में खड़ी रही है और संविधान की रक्षा के लिए यह संघर्ष भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।

728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा सामाजिक न्याय के महानायक का स्मरण

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस अवसर पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कांशीराम जी को ‘सामाजिक न्याय की बुलंद आवाज’ करार दिया। प्रियंका ने कहा कि उनके आंदोलनों ने समानता के संवैधानिक सिद्धांतों को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

बसपा प्रमुख मायावती ने लखनऊ में दी पुष्पांजलि

इस विशेष अवसर पर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में पार्टी संस्थापक को याद किया। उन्होंने कांशीराम जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताए रास्तों पर चलने का संकल्प दोहराया। इस दौरान बसपा कार्यकर्ताओं ने भी देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए अपने संस्थापक की विरासत को याद किया।

बहुजन समाज पार्टी की स्थापना

15 मार्च 1934 को पंजाब में जन्मे कांशीराम ने 1984 में बसपा की स्थापना कर भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी थी। उन्होंने अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी और अल्पसंख्यकों को एक मंच पर लाकर ‘बहुजन’ शब्द को राजनीतिक शक्ति में तब्दील किया। उनका एकमात्र लक्ष्य जन्मजात असमानताओं को खत्म करना और संगठित राजनीतिक कार्रवाई के जरिए समाज के हाशिए पर पड़े लोगों को सशक्त बनाना था।