Kanpur News: कानपुर में बड़ा हादसा टला! फैक्ट्री में लगी आग, 500 कर्मचारियों की बाल-बाल बची जान

कानपुर के जाजमऊ स्थित एचएस इंटरनेशनल जूता फैक्ट्री में मंगलवार रात भीषण आग लग गई। शॉर्ट सर्किट से भड़की इस आग में करीब 4 करोड़ रुपये की मशीनरी और तैयार माल जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि घटना से एक घंटे पहले ही 500 मजदूर काम खत्म कर निकल चुके थे, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 22, 2026

Kanpur News: औद्योगिक क्षेत्र जाजमऊ के वाजिदपुर में स्थित ‘एचएस इंटरनेशनल’ नामक जूता फैक्ट्री में मंगलवार रात भीषण अग्निकांड हुआ। शॉर्ट सर्किट के कारण लगी इस भयानक आग ने पूरी तीन मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि घटना से एक घंटा पहले ही फैक्ट्री से मजदूर जा चुके थे, जिससे एक बड़ा मानवीय हादसा टल गया।

शॉर्ट सर्किट से भड़की भीषण आग

जाजमऊ के जेके कॉलोनी निवासी नौशाद अहमद की ‘एचएस इंटरनेशनल’ फैक्ट्री में मंगलवार रात करीब 8 बजे अचानक धुएं का गुबार उठने लगा। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। फैक्ट्री मालिक के अनुसार, इस अग्निकांड में लगभग 4 करोड़ रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। सबसे अधिक क्षति हाल ही में स्थापित किए गए अपर फिनिशिंग प्लांट को हुई है, जिसे मात्र एक सप्ताह पहले ही दो करोड़ रुपये की लागत से लगाया गया था। शुरुआती जांच में बिजली के शॉर्ट सर्किट को आग लगने का प्राथमिक कारण माना जा रहा है।

दमकल विभाग को रेस्क्यू में आई भारी चुनौतियां

जैसे ही सुरक्षा गार्डों ने शोर मचाया, पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया गया। आग की गंभीरता को देखते हुए जाजमऊ, किदवई नगर, लाटूश रोड, फजलगंज और मीरपुर फायर स्टेशनों से सात दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। हालांकि, वाजिदपुर की बेहद संकरी गलियां और तंग रास्ते राहत कार्य में बड़ी बाधा बने। दमकल की गाड़ियां फैक्ट्री के मुख्य द्वार तक नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद फायर फाइटर्स ने हौज पाइप की लंबाई बढ़ाकर दूर से ही पानी की बौछारें शुरू की।

चार घंटे का भारी मशक्कत

आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर से ही आसमान में काला धुआं देखा जा सकता था। दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए फैक्ट्री के विभिन्न हिस्सों में पानी डाला। निचले तल पर कटिंग यूनिट और प्रथम तल पर पैकिंग विभाग होने के कारण वहां केमिकल और चमड़ा मौजूद था, जिसने आग को और भड़का दिया। लगभग चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की टीम आग पर पूरी तरह काबू पाने में सफल रही। गनीमत रही कि आग आसपास की अन्य टेनरी और घनी आबादी वाले घरों तक नहीं फैली।

समय रहते छुट्टी होने से टला बड़ा हादसा

जाजमऊ फायर स्टेशन अधिकारी राहुल नंदन ने बताया कि यह घटना रात 8 बजे के बाद हुई। फैक्ट्री में रोजाना करीब 500 कर्मचारी काम करते हैं, जिनकी छुट्टी शाम 7 बजे हो जाती है। सभी मजदूर घटना से लगभग एक घंटा पहले ही परिसर से बाहर निकल चुके थे। अधिकारियों का कहना है कि यदि आग काम के घंटों के दौरान लगी होती, तो संकरी गलियों और धुएं के कारण वहां से निकलना मुश्किल हो जाता और यह उत्तर प्रदेश के बड़े औद्योगिक हादसों में से एक हो सकता था।

जूता फैक्ट्री के बुनियादी ढांचे और लैब का पूरी तरह विनाश

यह फैक्ट्री तीन मंजिलों में संचालित थी, जहाँ जूतों की कटिंग, सोलिंग, फिनिशिंग और पैकिंग का काम अलग-अलग फ्लोर पर होता था। ऊपरी मंजिल पर स्थित आधुनिक लैब और स्प्रे डिपार्टमेंट भी इस आग की भेंट चढ़ गए। फैक्ट्री मालिक नौशाद अहमद ने बताया कि तैयार माल और कच्चा चमड़ा जलकर राख होने से उनके व्यापार को गहरी चोट पहुंची है। पुलिस और प्रशासन अब फैक्ट्री के फायर सेफ्टी मानकों की जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।