Kangana Ranaut News: अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर नाराजगी जताई है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को ‘एंटी नेशनल ताकतें’ बताते हुए आरोप लगाया कि कुछ समूह भारत में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। कंगना ने यह बयान 10 अक्टूबर को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
बताते चले कि, कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान गलत तरीके से मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इसी मुद्दे पर संगठन चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

इस विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों की मांगों और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कंगना रनौत ने भी इसी विवाद के बीच प्रदर्शन के उद्देश्य और उसके पीछे सक्रिय ताकतों पर सवाल उठाए।
कंगना रनौत का आरोप- देश को अस्थिर करने की हो रही कोशिश
कंगना रनौत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश के सामने कथित देशविरोधी गतिविधियां और अंतरराष्ट्रीय साजिशें गंभीर चुनौती बन रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग बहानों के जरिए नागरिकों को परेशान करने और देश की सामान्य गतिविधियों को बाधित करने की कोशिश की जा रही है। कंगना के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों के नाम पर आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को बांटने की कोशिश करने वाली ताकतों के बावजूद भारतीयों की एकजुटता बनी हुई है। हालांकि, ये आरोप कंगना के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
अयोध्या और भगवान राम का जिक्र कर कंगना ने दिया एकजुटता का संदेश

अपने बयान में कंगना ने अयोध्या जाने और भगवान श्रीराम का आशीर्वाद लेने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब तक भगवान राम और हनुमान का आशीर्वाद देश के साथ है, तब तक ऐसी ताकतें अपने उद्देश्य में सफल नहीं होंगी। उन्होंने भारतीय नागरिकों से देश के साथ खड़े रहने और एकजुटता बनाए रखने की बात कही। कंगना ने यह भी दावा किया कि लोग अब ऐसे आंदोलनों से परेशान हो रहे हैं, जिनके कारण उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जनता खुद भी ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज उठा सकती है। उनके इस बयान ने विरोध प्रदर्शन को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है।
राहुल गांधी के राष्ट्रपति से मुलाकात करने पर क्या बोली कंगना?

बातचीत के दौरान जब कंगना रनौत से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को राष्ट्रपति से मुलाकात करने और अपनी आपत्तियां रखने का अधिकार है। कंगना ने कहा कि यदि उन्हें कोई आपत्तिजनक बात लगती है, तो वे राष्ट्रपति के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं। हालांकि, इसके बाद कंगना ने राहुल गांधी की तुलना परीक्षा में असफल होने वाले विद्यार्थियों से करते हुए तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि स्कूल में असफल होने वाले कुछ बच्चों को लगता था कि सफल विद्यार्थियों को अलग प्रश्नपत्र मिला होगा। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी।
SIR विवाद पर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। एक तरफ CJP चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रही है, वहीं कंगना रनौत ने प्रदर्शन के पीछे की मंशा पर सवाल उठाए हैं। अब इस पूरे विवाद में सबसे अहम सवाल यही है कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर संबंधित पक्ष क्या जवाब देते हैं। फिलहाल, कंगना के बयान ने चुनाव आयोग और विरोध प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक बहस को एक नया मोड़ दे दिया है।










