Thane Road Accident: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। कल्याण-अहिल्यानगर हाईवे स्थित रायते पुल पर एक तेज रफ्तार सीमेंट मिक्सर ट्रक और यात्रियों से खचाखच भरी ईको कार के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर ने 10 परिवारों को उम्र भर का गम दे दिया है।
सीमेंट मिक्सर ट्रक और ओवरलोडेड कार की आमने-सामने भिड़ंत
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सीमेंट मिक्सर ट्रक और ईको कार की टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। जानकारी के मुताबिक, कल्याण से मुरबाद की ओर जा रही इस कार में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। 5 सीटों वाली इस छोटी गाड़ी में कुल 12 यात्री बैठे थे, जो रायते पुल पर सामने से आ रहे भारी वाहन का शिकार बन गए।
मौके पर मची चीख-पुकार
रायते पुल पर हुए इस भीषण सड़क हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। टक्कर के बाद हुई जोरदार आवाज सुनकर स्थानीय निवासी तुरंत मदद के लिए दौड़े, लेकिन कार के मलबे में फंसे लोगों को निकालना उनके लिए नामुमकिन था। सूचना मिलते ही टिटवाला पुलिस स्टेशन के अधिकारी और राजमार्ग प्रशासन की टीमें क्रेन और कटर के साथ मौके पर पहुँचीं और काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला गया।
मौत का आंकड़ा और घायलों की स्थिति
शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुर्घटनास्थल पर ही 8 यात्रियों की सांसें थम चुकी थीं। आनन-फानन में अन्य घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान 2 और यात्रियों की मौत हो गई। इस त्रासदी में अब तक कुल 10 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें 5 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं। बाकी बचे यात्री अभी भी जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
मृतकों की पहचान और कानूनी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन अब मृतकों की शिनाख्त (Identification) करने के प्रयासों में जुटा है ताकि उनके परिजनों को सूचित किया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली गाड़ियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षमता से ज्यादा सवारी बिठाना और तेज रफ्तार इस दर्दनाक दुर्घटना (Tragic Accident) के मुख्य कारण माने जा रहे हैं। पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर उठे सवाल
इस हृदयविदारक घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग के मुद्दे पर प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। रायते पुल जैसे संवेदनशील स्थानों पर वाहनों की गति सीमा तय करने और अवैध रूप से सवारी ढोने वाले वाहनों पर नकेल कसने की मांग तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।









