Kainchi Dham: बाबा नीम करौली के भक्तों के लिए बड़ी खबर, कैंची धाम में बदलने वाली है दर्शन व्यवस्था

Kainchi Dham: बाबा नीम करौली के भक्त देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में भी भारी तादादत में हैं। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘हनुमान अंश’ को देखने के बाद उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बेतहाशा इजाफा हुआ.आलम यह है कि वीकेंड आते ही कैंची धाम में पैर रखने तक की जगह नहीं बचती और भवाली से ही लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है. वीकेंड और छुट्टियों के दौरान हालात ऐसे हो जाते हैं कि मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भारी भीड़ दिखाई देती है. भवाली से कैंची

Kainchi Dham

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 7, 2026

Kainchi Dham: बाबा नीम करौली के भक्त देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में भी भारी तादादत में हैं। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘हनुमान अंश’ को देखने के बाद उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बेतहाशा इजाफा हुआ.आलम यह है कि वीकेंड आते ही कैंची धाम में पैर रखने तक की जगह नहीं बचती और भवाली से ही लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है. वीकेंड और छुट्टियों के दौरान हालात ऐसे हो जाते हैं कि मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भारी भीड़ दिखाई देती है. भवाली से कैंची धाम तक लंबा जाम लगने से श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. 2 अक्टूबर वाले लंबे वीकेंड पर यहां करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया था.

मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल से होगी प्री-बुकिंग

मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल से होगी प्री-बुकिंग

बताते चले कि, श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब प्रशासन कैंची धाम में प्री-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू करने पर विचार कर रहा है। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा की तर्ज पर कैंची धाम के लिए भी ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार करने की योजना पर चर्चा हो रही है। इसके माध्यम से श्रद्धालु यात्रा से पहले अपना पंजीकरण करा सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से पहले ही यह अनुमान लगाया जा सकेगा कि किसी खास दिन कितने श्रद्धालु कैंची धाम पहुंच सकते हैं।

कैंची धाम ऑनलाइन बुकिंग से भीड़ नियंत्रण की कोशिश

आपको बता दे कि, चारधाम यात्रा में ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था के जरिए यात्रियों की संख्या और यात्रा संबंधी जानकारी पहले से जुटाई जाती है। इसी तरह कैंची धाम में भी डिजिटल रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू होने पर पुलिस और प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में मदद मिल सकती है। इससे पार्किंग, यातायात, शटल सेवा और अन्य सुविधाओं को श्रद्धालुओं की संभावित संख्या के मुताबिक तैयार करने में आसानी होगी।

कैंची धाम क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम होगा तैयार

कैंची धाम क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम होगा तैयार

कैंची धाम में बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए कुमाऊं पुलिस कमिश्नर की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या, पार्किंग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, होटल-होमस्टे से शटल सेवा, सुरक्षा और मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन अब एक व्यवस्थित और स्थायी क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम तैयार करने पर जोर दे रहा है, जिससे अचानक बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

श्रद्धालुओं की संख्या पहले जानकर तैयार होंगे पार्किंग और ट्रैफिक इंतजाम

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि किसी दिन कैंची धाम में कितने श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। पहले से संख्या का अनुमान होने पर पार्किंग, यातायात, सुरक्षा और शटल जैसी व्यवस्थाओं को उसी के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। इससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को रास्ते में कम परेशानी होगी और पुलिस-प्रशासन के लिए भी भीड़ संभालना आसान हो सकता है।

50 हजार की भीड़ ने बढ़ाई चिंता

50 हजार की भीड़ ने बढ़ाई चिंता

2 अक्टूबर के लंबे वीकेंड में कैंची धाम में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन की चुनौती और गंभीर हो गई। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से पार्किंग व्यवस्था और यातायात पर दबाव बढ़ गया। इसी अनुभव के बाद प्रशासन अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आने वाले दिनों में कैंची धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान पहले से लगाया जा सके। इसी वजह से अनिवार्य या व्यवस्थित प्री-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।

धामी सरकार को भेजी जाएगी रजिस्ट्रेशन की सिफारिश

बैठक में श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव भी रखा गया। प्रशासन का मानना है कि अगर पहले से श्रद्धालुओं की संख्या की जानकारी उपलब्ध होगी तो उसी आधार पर सभी जरूरी इंतजाम किए जा सकेंगे। जानकारी के मुताबिक, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से उत्तराखंड की धामी सरकार को श्रद्धालुओं के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू करने की सिफारिश भेजी जाएगी। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार को लेना होगा।

कैंची धाम मंदिर में अलग एंट्री-एग्जिट गेट का प्रस्ताव

कैंची धाम मंदिर में अलग एंट्री-एग्जिट गेट का प्रस्ताव

भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कैंची धाम मंदिर में अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाने के विकल्प पर भी चर्चा हुई। फिलहाल मंदिर में आने और बाहर निकलने के लिए एक ही रास्ते का इस्तेमाल होने से अधिक भीड़ के दौरान परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में अलग-अलग एंट्री और एग्जिट गेट बनाए जाने से श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित किया जा सकता है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से मंदिर परिसर में भीड़ का दबाव कम करने और दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाने में मदद मिल सकती है।